भ्रष्टाचार मिटाने के नारों से फेसबुक पर छाए डिप्टी मेयर, अब उन्हीं पर आरोपों की गूंज!
BJP नेता अमन सैनी का दावा—“मेरे पास एफिडेविट है”; नगर निगम की राजनीति में फिर मचा बवाल
लुधियाना।20 सितंबर 2026 विक्की कुमार
नगर निगम लुधियाना की राजनीति में इन दिनों सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। BJP नेता अमन सैनी ने डिप्टी मेयर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके पास इस संबंध में एफिडेविट मौजूद है, जिसमें लोगों से सेवादार नौकरी लगाने के लिए पैसे लेने से जुड़े आरोप दर्ज हैं
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एफिडेविट की प्रामाणिकता तथा उसमें लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है।
कल तक भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे, आज खुद आरोपों के घेरे में?
अमन सैनी का दावा है कि डिप्टी मेयर पहले सोशल मीडिया पर लाइव होकर भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कर रहे थे। अब उन्हीं के खिलाफ आरोप सामने आने के बाद उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधि पर ही ऐसे आरोप लगें तो इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कौन करेगा?
यह राजनीतिक आरोप है और इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकल सकता है।
“मेरे पास एफिडेविट है”—अमन सैनी का दावा
BJP नेता अमन सैनी के अनुसार, उनके पास एक एफिडेविट है, जिसे वह संबंधित अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने की बात कह रहे हैं।
उनका कहना है कि वह इस मामले को लेकर नगर निगम और आवश्यकता पड़ने पर विजिलेंस के समक्ष शिकायत लेकर जाएंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि एफिडेविट में वास्तव में क्या लिखा है, वह किसने दिया है और उसमें लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन से दस्तावेज या अन्य सबूत मौजूद हैं?
डिप्टी मेयर का पक्ष जानने की कोशिश
जीत समाचार की ओर से लगाए गए आरोपों पर डिप्टी मेयर का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
डिप्टी मेयर का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी पूरी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
पहले की शिकायतों का भी जिक्र
अमन सैनी की ओर से कथित तौर पर पहले से चल रही किसी जांच/शिकायत का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, उस जांच की वर्तमान स्थिति और उसके निष्कर्ष की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
इसलिए अब प्रशासनिक रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होना जरूरी है कि क्या पहले कोई शिकायत या जांच लंबित थी और यदि थी तो उसका वर्तमान स्टेटस क्या है।
कॉलोनी मामले की भी चर्चा
सोशल मीडिया पर सामने आए कॉलोनी संबंधी मामले का भी संदर्भ दिया जा रहा है। इसके साथ कथित रूप से किसी प्रकार की “सेटिंग” होने की बातें भी कही जा रही हैं।
इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इस संबंध में निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच का इंतजार करना जरूरी है।
सबसे बड़ा सवाल: आरोप, एफिडेविट और जांच—सच सामने आएगा कैसे?
मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर दस्तावेजों और जांच का विषय बनता दिखाई दे रहा है।
यदि अमन सैनी के पास मौजूद बताए जा रहे एफिडेविट में गंभीर आरोप हैं, तो संबंधित एजेंसी द्वारा उसकी सत्यता, दस्तावेजों और आरोपों की जांच की जा सकती है। वहीं, यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति को भी अपना पक्ष रखने और कानूनी उपाय अपनाने का अधिकार है।
अब नजर इस बात पर है कि अमन सैनी कब आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाते हैं, संबंधित दस्तावेज जांच एजेंसी के सामने क्या सामने आते हैं और डिप्टी मेयर की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया जाता है।
जीत समाचार का सवाल
भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगाना अलग बात है—लेकिन जब किसी जनप्रतिनिधि पर भ्रष्टाचार के आरोप लगें तो क्या निष्पक्ष जांच के जरिए सच सामने नहीं आना चाहिए?
जीत समाचार इस मामले में आरोप लगाने वाले पक्ष और डिप्टी मेयर—दोनों का पक्ष सामने रखेगा।

