प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में सुस्ती पर कमिश्नर का ‘एक्शन मोड’!

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चारों जोनों को सख्त फरमान—टारगेट पूरा नहीं हुआ तो अफसर-कर्मचारियों की तय होगी जवाबदेही, विभागीय कार्रवाई की चेतावनी

लुधियाना, 22 सितंबर (विक्की कुमार)

महानगर में चालू वित्तीय वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन का निर्धारित लक्ष्य हासिल न होने पर नगर निगम कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक के बाद कमिश्नर ने जोन-ए, जोन-बी, जोन-सी और जोन-डी के जोनल कमिश्नरों तथा प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के सभी सुपरिटेंडेंटों को सख्त निर्देश जारी किए।

कमिश्नर ने साफ कर दिया कि प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली अब सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और रोजाना की रिकवरी की निगरानी की जाएगी। आदेशों में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित लक्ष्य हासिल न होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए सीधी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

टारगेट पीछे, कमिश्नर नाराज

समीक्षा बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों की जांच के दौरान रिकवरी निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे पाई गई। निगम के राजस्व पर पड़ रहे असर को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर वसूली अभियान तेज करने के निर्देश दिए।

इसके लिए मुख्यालय स्तर से 8 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिन पर तत्काल प्रभाव से अमल करने को कहा गया है।

आठ बिंदुओं पर सख्ती—अब रोज होगा हिसाब

1. जोनवार व कर्मचारीवार वर्क प्लान:
चारों जोन अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करेंगे।

2. बड़े बकाएदारों की पहचान:
अधिक टैक्स बकाया वाली संपत्तियों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाएगा।

3. विशेष रिकवरी अभियान:
बड़े डिफाल्टरों से टैक्स वसूलने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

4. तत्काल नोटिस:
बकाएदारों को नियमों के अनुसार नोटिस जारी कर टैक्स जमा करवाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

5. अगली वैधानिक कार्रवाई:
जिन डिफाल्टरों को पहले ही नोटिस जारी हो चुके हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत सीलिंग या अटैचमेंट जैसी अगली कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होगी।

6. रोजाना रिकवरी की निगरानी:
हर जोन में प्रतिदिन होने वाली वसूली का रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा और लक्ष्य के मुकाबले प्रगति की समीक्षा होगी।

7. अफसरों-कर्मचारियों की मॉनिटरिंग:
जोनल कमिश्नर अपनी टैक्स शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की लगातार समीक्षा करेंगे। लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही तय होगी।

8. पेंडेंसी पर जीरो टॉलरेंस:
सरकारी राजस्व की वसूली में अनावश्यक पेंडेंसी, हीला-हवाली या लापरवाही नहीं चलने दी जाएगी।

अब ‘फाइलों’ से नहीं, फील्ड से आएगा टैक्स!

कमिश्नर के आदेशों के बाद प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों पर रिकवरी बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। अब रोजाना की वसूली और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के जरिए यह देखा जाएगा कि कौन-सा जोन अपने लक्ष्य की ओर कितना आगे बढ़ रहा है।

निगम का संदेश स्पष्ट है—राजस्व वसूली में ढिलाई नहीं चलेगी और टारगेट पूरा नहीं होने पर जवाबदेही तय होगी।

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