अब श्रमिकों को नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर!
दिल्ली में ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ की शुरुआत, निर्माण स्थलों और लेबर चौक तक पहुंचेंगी वैन
नई दिल्ली।22 / 09 / 2026 जीत समाचार
निर्माण श्रमिकों को सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए दिल्ली सरकार ने ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को चार मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के आसपास ही पंजीकरण और विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें दूर स्थित सरकारी कार्यालयों तक जाने की जरूरत न पड़े और उनकी दिहाड़ी भी प्रभावित न हो।
हर जिले में पहुंचेगी मोबाइल वैन
मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली के प्रत्येक जिले में एक मोबाइल वैन संचालित करने की योजना है। कुल 13 मोबाइल वैन निर्माण स्थलों, लेबर चौक और उन स्थानों तक जाएंगी जहां बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक काम करते हैं।
मौके पर होगा श्रमिकों का पंजीकरण
मोबाइल सेवा केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सहायता और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रमिकों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी इन मोबाइल केंद्रों के माध्यम से दिया जाएगा।
श्रम मंत्री बोले—सेवाएं श्रमिकों तक पहुंचेंगी
दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र श्रमिकों तक स्वयं पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को आवश्यक सेवाएं उनके कार्यस्थल के आसपास उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्देश्य साफ—समय और दिहाड़ी दोनों की बचत
सरकार की इस पहल के तहत कोशिश है कि श्रमिकों को सरकारी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इससे जहां उनका समय बचेगा, वहीं पंजीकरण या दस्तावेजी काम के लिए काम छोड़कर जाने से होने वाली दिहाड़ी की संभावित हानि भी कम होगी।

