पंजाब में युवाओं का विदेश जाने का रुझान घटा, अब अपने ही राज्य में बना रहे भविष्य: मुख्यमंत्री भगवंत मान
70 हजार सरकारी नौकरियां देने का दावा, सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने पास किया NEET; जगराओं के गांव कमालपुरा में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
लुधियाना/जगराओं, 29 अक्टूबर। कुमार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया है कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने से युवाओं का विदेश जाने का रुझान कम हुआ है और अब युवा पंजाब में ही अपना भविष्य बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट के आधार पर की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए गांव के सर्वांगीण विकास के लिए सरपंच को 51 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।
सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने पास किया NEET
मुख्यमंत्री ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या केवल 80 थी। उन्होंने इसे सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा गरीबी के चक्र को तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार आम परिवारों के बच्चों को भी डॉक्टर तथा अन्य पेशेवर बनने के समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास कर रही है।
भर्ती में सिफारिश और रिश्वत का कोई आरोप नहीं: मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां बिना सिफारिश और रिश्वत के मेरिट के आधार पर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवा विदेश जाने के लिए मजबूर थे, लेकिन अब पंजाब में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
गांवों के विकास के लिए 51 लाख रुपये का चेक
गांव कमालपुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत को 51 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि ट्यूबवेलों के लिए अब रात के बजाय दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे किसानों को राहत मिली है।
महिलाओं के खाते में आएगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने ‘मावां धियां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने महिलाओं से अपने बैंक खाते सक्रिय रखने और जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना से पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
नशों के खिलाफ कार्रवाई और खेलों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने नशों के मुद्दे पर कहा कि पंजाब को नशों के नाम पर बदनाम करने वालों को जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि नशा तस्करी के एक प्रमुख आरोपी के खिलाफ 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। उन्होंने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए पंजाब में 3,100 स्टेडियम बनाए जाने की बात कही, ताकि ग्रामीण युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें और वे नशों से दूर रहकर अपने भविष्य पर ध्यान दे सकें।
90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है। उन्होंने टोल प्लाजा बंद करने, सड़कों के सुधार और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने को भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया। उनके अनुसार, टोल प्लाजा बंद होने से लोगों के रोजाना करीब 70 लाख रुपये बच रहे हैं।
10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आम परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करना है।
सिंचाई और सड़कों के विकास पर भी रखे आंकड़े
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने 1,587 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि नहरी सिंचाई के विस्तार पर 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और नहरी सिंचाई के तहत आने वाला क्षेत्र 2022 के 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
इसके अलावा राज्य में करीब 45 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का काम करवाने की बात भी कही।
विपक्षी नेताओं पर साधे निशाने
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेता पंजाब के विकास के बजाय सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए आपस में लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की तरक्की और खुशहाली के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है।
नोट: इस समाचार में सरकारी योजनाओं, आंकड़ों और उपलब्धियों से संबंधित दावे मुख्यमंत्री के संबोधन पर आधारित हैं।

