नगर निगम के जोन-D में ब्लॉक-18 की बिल्डिंगों पर उठे सवाल

0

कहीं निर्माण जारी, कहीं खड़ी होने लगीं इमारतें! नक्शा पास है या कंपाउंडिंग फीस जमा—रिकॉर्ड पर सस्पेंस

बिल्डिंग इंस्पेक्टर भारत मलिक (हेड ड्राफ्ट्समैन)ने फोन उठाना उचित नहीं समझा? ATP ने जांच कर जानकारी देने का दिया आश्वासन

लुधियाना | जीत समाचार 28 अक्टूबर 2026 ब्यूरो चीफ

लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के जोन-D में ब्लॉक-18 की कुछ बिल्डिंगों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ब्लॉक-18 में कहीं निर्माण कार्य चल रहा है, तो कहीं नई इमारतें खड़ी होनी शुरू हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन बिल्डिंगों के नक्शे मंजूर हैं या नहीं, निर्माण स्वीकृत नक्शों के मुताबिक हो रहा है या नहीं और क्या इन मामलों में कंपाउंडिंग फीस जमा करवाई गई है?

नक्शा पास होने की चर्चा, लेकिन रिकॉर्ड की पुष्टि कौन करेगा?

सूत्रों के हवाले से इन बिल्डिंगों के नक्शे पास होने की चर्चा है, लेकिन  निर्माण की वास्तविक स्थिति के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित रिकॉर्ड की जांच जरूरी है। यदि नक्शा मंजूर है, तो उसकी शर्तों के अनुसार निर्माण हो रहा है या नहीं—इसकी जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए।

बिल्डिंग इंस्पेक्टर भारत मलिक(हेड ड्राफ्ट्समैन) से संपर्क की कोशिश

जीत समाचार ने ब्लॉक-18 के बिल्डिंग इंस्पेक्टर भारत मलिक (हेड ड्राफ्ट्समैन )से इस मामले में जानकारी लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में बिल्डिंगों की वैधता, स्वीकृत नक्शों और फीस से जुड़े सवालों के जवाब फिलहाल नहीं मिल पाए हैं।पत्रकारों द्वारा संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगना जनता तक सही तथ्य पहुंचाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जब किसी बिल्डिंग को लेकर सवाल उठते हैं, तो संबंधित विभाग से स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि अफवाहों के बजाय आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति सामने आ सके।

ATP ने दिया जांच कर जानकारी देने का आश्वासन

इन बिल्डिंगों की तस्वीरें संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने के बाद जोन-D के ATP ने बताया कि वह सुबह मौके और रिकॉर्ड की जांच करवाकर जानकारी देंगे कि बिल्डिंग का नक्शा पास है या कंपाउंडिंग फीस जमा हुई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग इन सवालों पर कितनी स्पष्टता से जवाब देता है।

करंट ड्यूटी चार्ज पर तैनाती, लेकिन जवाबदेही भी जरूरी!

मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि किसी कर्मचारी को करंट ड्यूटी चार्ज के तहत इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है, तो क्या उससे संबंधित विभागीय जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है? सरकारी पद पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने काम से जुड़े सवालों पर विभागीय नियमों के अनुसार जानकारी उपलब्ध करवाएं और निर्माण संबंधी शिकायतों की जांच में सहयोग करें।

सरकारी खजाने को नुकसान हुआ या नहीं—जांच से होगा साफ

यदि किसी बिल्डिंग में नियमों के विपरीत निर्माण हुआ है या निर्धारित फीस जमा नहीं करवाई गई है, तो इससे नगर निगम के राजस्व पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ब्लॉक-18 की इन बिल्डिंगों के मामले में राजस्व को नुकसान होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसके लिए नक्शों, फीस की रसीदों, निरीक्षण रिपोर्टों और अन्य विभागीय रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

जीत समाचार इन बिल्डिंगों से जुड़े सवालों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाता रहेगा। अखबार की ओर से नगर निगम कमिश्नर के समक्ष भी यह मुद्दा रखने की बात कही गई है कि बिल्डिंगों की वैधता और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं मिल रही।

अब निगाहें नगर निगम की जांच पर हैं: क्या ब्लॉक-18 की बिल्डिंगों के नक्शे और कंपाउंडिंग फीस का रिकॉर्ड सार्वजनिक होगा? क्या निर्माण स्वीकृत नक्शों के अनुरूप पाया जाएगा? और यदि कोई उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?

इन सवालों के जवाब आधिकारिक जांच और रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

दैनिक विज्ञापन
दैनिक विज्ञापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed