एफएंडसीसी की बैठक में पार्षद गौरव भट्टी का कड़ा रुख!
₹20 करोड़ के काम से पहले कंपनी की परफॉर्मेंस जांचने की मांग, 18 टेबल एजेंडे पेंडिंग—बिना पढ़े मंजूरी देने पर जताई आपत्ति
वकील की नियुक्ति से लेकर ट्यूबवेल, सीवरेज और सड़क निर्माण तक उठाए सवाल; कई प्रस्तावों पर आपत्ति, निगम के खजाने और जनता के पैसे के इस्तेमाल पर मांगा जवाब
लुधियाना।27 अक्टूबर 2026चीफ ब्यूरो
नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक में पार्षद एवं कमेटी सदस्य गौरव भट्टी ने विभिन्न विकास कार्यों, ठेकों और वित्तीय प्रस्तावों पर कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने प्रस्तावों पर निर्णय लेने से पहले संबंधित रिकॉर्ड, पिछली परफॉर्मेंस, तकनीकी क्षमता और वित्तीय पहलुओं की जांच करने की मांग की। बैठक में 49 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद पेश किए गए 18 टेबल एजेंडों पर उन्होंने अध्ययन के लिए समय मांगा, जिसके बाद इन एजेंडों पर विचार नहीं किया गया।
₹20 करोड़ के काम देने से पहले सोमाया की परफॉर्मेंस जांचने की मांग
विभिन्न सड़कों के निर्माण के लिए सोमाया कंपनी को लगभग ₹20 करोड़ के कार्य सौंपने के प्रस्ताव पर गौरव भट्टी ने सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि कंपनी को नए काम देने से पहले उसके पिछले कार्यों की रिपोर्ट, निर्माण की गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने के रिकॉर्ड की जांच की जाए।उन्होंने कहा कि कंपनी के पास पर्याप्त मशीनरी, तकनीकी क्षमता और संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं, यह भी देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि ठेके आवंटित करते समय शहरवासियों के हितों और निगम के वित्तीय हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
18 टेबल एजेंडे पर ऐतराज—बोले, बिना पढ़े मंजूरी नहीं!
बैठक में 49 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद 18 अन्य टेबल एजेंडे भी प्रस्तुत किए गए। गौरव भट्टी ने इन प्रस्तावों को पढ़ने और उनकी जांच के लिए समय मांगा। उनका कहना था कि बिना उचित अध्ययन और विचार-विमर्श के किसी भी प्रस्ताव पर निर्णय लेना उचित नहीं है।इसके बाद इन 18 टेबल एजेंडों पर विचार नहीं किया गया। इस घटनाक्रम ने बैठक में प्रस्तावों की जांच और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा को प्रमुखता दी।
मेयर के वार्ड में दो ट्यूबवेल लगाने का मुद्दा उठा
मद नंबर 6 और 12 के तहत मेयर के वार्ड के हीरानगर मोहल्ले में दो ट्यूबवेल लगाने का मुद्दा गौरव भट्टी ने उठाया। बताया गया कि इनमें से एक ट्यूबवेल वार्ड नंबर 75 से शिफ्ट किया जाना था, जबकि दूसरा नया प्रस्तावित था।
इस पर मेयर ने स्पष्टीकरण दिया कि नए ट्यूबवेल को वार्ड नंबर 75 में शिफ्ट कर दिया जाएगा और दोनों ट्यूबवेल एक ही जगह नहीं लगाए जाएंगे।
पार्ट टाइम लॉ अफसर की नियुक्ति पर भी सवाल
श्रीमती गीता बजाज को पार्ट टाइम लॉ अफसर के रूप में रिटेनरशिप से हटाकर केस-टू-केस पैनल पर नियुक्त करने तथा उनकी जगह अभय सहोता को ₹10,000 मासिक मानदेय पर पार्ट टाइम लॉ अफसर रखने के प्रस्ताव पर भी गौरव भट्टी ने आपत्ति जताई।उन्होंने मांग की कि नियुक्ति से पहले संबंधित वकील की तीन वर्ष की प्रैक्टिस, कानूनी अनुभव, लड़े गए मामलों और परफॉर्मेंस रिपोर्ट की जांच की जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि योग्य उम्मीदवार के चयन के लिए उचित विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए।गौरव भट्टी के अनुसार, यदि नियुक्ति की जरूरत है तो केस-टू-केस आधार पर भी विकल्प पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने निगम के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग की। इस मुद्दे पर अन्य सदस्यों की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई और प्रस्ताव को आगे की प्रक्रिया के लिए बढ़ाया गया। उन्होंने निगम सचिव से सदस्यों की आपत्ति को रिकॉर्ड में दर्ज करने की बात भी कही।
वार्ड-36 की सड़क के लिए SASCI फंड पर जोर
वार्ड नंबर 36 के हरगोबिंद नगर में सड़क निर्माण और लुक डालने के प्रस्ताव पर गौरव भट्टी ने कहा कि काम SASCI फंड से ही करवाया जाना चाहिए, निगम के सामान्य फंड पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
प्रस्ताव में लगभग ₹4 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण का उल्लेख था। साथ ही, फंड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में नगर निगम के फंड से काम करवाने का विकल्प भी शामिल था। गौरव भट्टी ने इस वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निगम के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
सेंट्रल हलके की गलियों के प्रस्ताव अगली बैठक तक टले
सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न गलियों के विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों को अगली एफएंडसीसी बैठक में विचा

