नगर निगम लुधियाना में कुर्सियों पर जमे मुलाजिमों की उल्टी गिनती शुरू?
जीत समाचार ने कमिश्नर डॉ महेंद्रू के सामने उठाया था मुद्दा, अब एक के बाद एक हो रहे बदलाव!
घनश्याम क्लर्क के बाद अब जोन-B में प्रवीण सिंगल SE की सीट बदली; हॉट मिक्स प्लांट का दिया गया चार्ज
वर्षों से एक ही सीट पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब किसकी गिरेगी गाज? शहरवासियों की नजरें नगर निगम कमिश्नर पर!
लुधियाना। 26 अक्टूबर 2026 कुमार
नगर निगम लुधियाना में वर्षों से एक ही सीट पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर अब हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। नए नगर निगम कमिश्नर डॉ महेंद्रू के सामने जब जीत समाचार ने यह मुद्दा उठाया था कि आखिर नगर निगम में ऐसे कितने कर्मचारी और अधिकारी हैं, जो सालों से एक ही सीट पर काम कर रहे हैं और ट्रांसफर होने के बावजूद घूम-फिरकर दोबारा उसी सीट पर पहुंच जाते हैं, तो अब इस मामले में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं।नगर निगम में लंबे समय से एक ही सीट पर काम करने वाले कर्मचारियों के तबादलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब कमिश्नर के शुरुआती प्रशासनिक कदमों के बाद कर्मचारियों की सीटों में बदलाव होने से निगम के भीतर नई चर्चा शुरू हो गई है।
घनश्याम क्लर्क को सीट छोड़ने के लिए किया गया मजबूर!
नगर निगम में घनश्याम क्लर्क का मामला भी चर्चा में रहा। आरोप था कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक अपनी पुरानी सीट नहीं छोड़ी। इस मामले को जीत समाचार ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद कमिश्नर के हस्तक्षेप से उन्हें सीट छोड़ने के निर्देश दिए गए और आखिरकार पुरानी सीट पर उनका काम जारी रहने की स्थिति समाप्त हुई।इस घटनाक्रम को नगर निगम के उन कर्मचारियों के लिए एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जो ट्रांसफर आदेशों के बावजूद अपनी पुरानी सीटों पर बने रहने की कोशिश करते हैं।
जोन-B में भी बदली तस्वीर, प्रवीण सिंगल SE को मिला हॉट मिक्स प्लांट का चार्ज
अब नगर निगम के जोन-B में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। प्रवीण सिंगल, SE की सीट में बदलाव करते हुए उन्हें हॉट मिक्स प्लांट का चार्ज सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।नगर निगम में अधिकारियों की जिम्मेदारियों और सीटों में होने वाले ऐसे बदलावों को लेकर चर्चा तेज है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई केवल शुरुआती बदलाव है या फिर आने वाले दिनों में उन अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में भी फेरबदल होगा, जो लंबे समय से एक ही सीट पर काम कर रहे हैं?
वर्षों से एक ही कुर्सी पर बैठे कर्मचारियों की सूची कब होगी सार्वजनिक?
नगर निगम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी कितने वर्षों से एक ही सीट पर तैनात हैं? क्या निगम प्रशासन इस संबंध में पूरी सूची तैयार करेगा? क्या ट्रांसफर नीति के तहत लंबे समय से एक ही पद पर तैनात कर्मचारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी?यदि नगर निगम प्रशासन पारदर्शी तरीके से सीटों और जिम्मेदारियों की समीक्षा करता है, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और कथित अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।हालांकि, किसी अधिकारी का लंबे समय तक एक ही सीट पर रहना अपने आप में भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं है। लेकिन यदि ट्रांसफर आदेशों की अनदेखी होती है या नियमों के विपरीत किसी कर्मचारी को बार-बार उसी सीट पर तैनात किया जाता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
क्या राजनीतिक सिफारिशों के आगे भी चलेगा प्रशासन का डंडा?
नगर निगम में तबादलों और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक सिफारिशों के प्रभाव की चर्चाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमिश्नर अंकुर महेंद्रू प्रशासनिक फैसले लेते समय नियमों और विभागीय जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं या नहीं।यदि नगर निगम में पारदर्शी ट्रांसफर व्यवस्था लागू होती है और नियमों के अनुसार अधिकारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा की जाती है, तो इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ सकती है।
नगर निगम में सरकारी ट्रांसफर पॉलिसी की आखिर कब बजेगी घंटी?
लुधियाना नगर निगम में वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे मुलाजिमों की बादशाहत कब खत्म होगी? पंजाब सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी और विभागीय नियमों के पालन को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। जीत समाचार द्वारा कमिश्नर अंकुर महेंद्रू के सामने मुद्दा उठाए जाने के बाद घनश्याम क्लर्क की सीट बदलने और जोन-B में प्रवीण सिंगल SE की जिम्मेदारी में बदलाव से निगम में हलचल तेज हो गई है। अब सवाल यह है कि क्या कमिश्नर साहब उन बाकी अधिकारियों और कर्मचारियों की भी तैनाती की समीक्षा करेंगे, जो सालों से एक ही कुर्सी पर टिके हुए हैं? क्या चलेगा सरकारी नियमों का डंडा या राजनीतिक सिफारिशों के आगे फिर झुक जाएगा प्रशासन? लुधियानवियों की निगाहें अब कमिश्नर के अगले आदेश पर टिकी हैं—क्योंकि असली परीक्षा अभी बाकी है!
फिलहाल निगाहें कमिश्नर अंकुर महेंद्रू के अगले कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में होने वाले तबादले और प्रशासनिक फैसले ही बताएंगे कि नगर निगम में लंबे समय से चली आ रही सीटों पर तैनाती की व्यवस्था में कितना बदलाव आता है।

