लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में क्या चल रहा है?

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जोन-A में कथित अवैध निर्माण पर सवाल! चौथी मंजिल तक पहुंचा लैंटर, ड्राफ्टमैन को इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी देने पर उठी चर्चा

नक्शे और कंपाउंडिंग फीस का रिकॉर्ड स्पष्ट करने की मांग; करंट ड्यूटी और अदालत के फैसले से जुड़े मामले पर भी सवाल—नए नगर निगम कमिश्नर से कार्रवाई की उम्मीद

लुधियाना।24 अक्टूबर 2026 शर्मा/विक्की

लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला जोन-A के ब्लॉक नंबर-2 का बताया जा रहा है, जहां एक इमारत के निर्माण को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संबंधित इमारत का निर्माण स्वीकृत नक्शे और आवश्यक मंजूरियों के बिना किया जा रहा है। साथ ही, कंपाउंडिंग फीस जमा होने और निर्माण को नियमित करने संबंधी रिकॉर्ड की स्थिति भी स्पष्ट नहीं बताई जा रही।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण के दौरान भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन हो रहा था, तो संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच को निर्माण की जानकारी थी? यदि शिकायतें मिलने के बावजूद निर्माण आगे बढ़ा, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है?

चौथी मंजिल तक पहुंचा लैंटर, फिर भी कार्रवाई पर सवाल!

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, संबंधित इमारत में चौथी मंजिल तक लैंटर डाले जाने का दावा किया जा रहा है। यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत हुआ है, तो यह जांच का विषय है कि संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया या नहीं और नियमों के अनुसार क्या कार्रवाई की गई।नक्शे की मंजूरी, कंपाउंडिंग फीस, निर्माण की स्वीकृत ऊंचाई और नगर निगम के रिकॉर्ड की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

 ड्राफ्टमैन को इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी देने पर सवाल

इस मामले में जोन-A में एक ड्राफ्टमैन को इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। चर्चा का विषय यह है कि संबंधित कर्मचारी को किस आदेश के तहत यह जिम्मेदारी सौंपी गई, उसकी ड्यूटी का दायरा क्या है और क्या यह व्यवस्था विभागीय नियमों के अनुरूप है?नगर निगम प्रशासन को इस संबंध में नियुक्ति, करंट ड्यूटी और कार्य आवंटन के आदेश स्पष्ट करने चाहिए, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक अनियमितता की आशंका दूर हो सके।

 अदालत के फैसले और करंट ड्यूटी का मामला भी चर्चा में

बिल्डिंग ब्रांच में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर करंट ड्यूटी का मुद्दा भी चर्चा में है। यदि किसी न्यायिक फैसले का संबंध इस व्यवस्था से है, तो उसके वास्तविक आदेश और लागू होने की स्थिति की जांच आवश्यक है।सवाल यह है कि क्या संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था अदालत के निर्देशों के अनुरूप है? क्या नगर निगम ने न्यायिक आदेशों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित आदेशों और विभागीय रिकॉर्ड से ही मिल सकता है।

सरकारी राजस्व को नुकसान की आशंका, रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

यदि किसी इमारत का निर्माण आवश्यक मंजूरी या निर्धारित शुल्क के बिना किया गया है, तो नगर निगम के राजस्व पर संभावित प्रभाव की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, वास्तविक वित्तीय नुकसान का आकलन संबंधित रिकॉर्ड, लागू नियमों और बकाया शुल्क की पुष्टि के बाद ही किया जा सकता है।

नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित इमारत का नक्शा स्वीकृत है या नहीं, कितनी फीस जमा हुई है, निर्माण की मंजूर सीमा क्या है और निरीक्षण के दौरान कोई उल्लंघन सामने आया था या नहीं।

 नए नगर निगम कमिश्नर के सामने होगी जवाबदेही की चुनौती

लुधियाना नगर निगम में प्रशासनिक बदलाव के बीच अब नए नगर निगम कमिश्नर से उम्मीद की जा रही है कि वे बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। जोन-A के ब्लॉक नंबर-2 में कथित निर्माण और कर्मचारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।यदि शिकायतों और दस्तावेजों से नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं, यदि निर्माण वैध पाया जाता है, तो प्रशासन को रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

 

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