डिप्टी मेयर के वार्ड में सील की गई इमारत दोबारा खुलने के आरोप! डिप्टी मेयर ने नहीं उठाया फोन, MTP ने ATP को कार्रवाई के निर्देश दिए
अमन सैनी के साथ शिकायतकर्ता ने ATP से की मुलाकात, जल्द कार्रवाई का मिला भरोसा; अब देखना होगा कि नगर निगम मौके पर कदम उठाता है या मामला फाइलों तक सीमित रह जाता है।
लुधियाना | जीत समाचार विशेष रिपोर्ट
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें डिप्टी मेयर के वार्ड में स्थित बताई जा रही एक इमारत को पहले सील किए जाने और बाद में उसकी सील खोले जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इस मामले को अमन सैनी के समक्ष उठाया, जिसके बाद नगर निगम के अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की गई।मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि इमारत को पहले सील किया गया था, तो बाद में सील खोलने की प्रक्रिया किस आधार पर हुई? क्या इसके लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी? इन सवालों का जवाब संबंधित रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
डिप्टी मेयर के वार्ड का मामला, लेकिन जवाबदेही किसकी?
यह मामला डिप्टी मेयर के वार्ड से संबंधित बताया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं कि सील की गई इमारत को दोबारा खोलने की प्रक्रिया क्या थी और संबंधित विभाग ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की या नहीं।किसी वार्ड में इमारत का होना अपने आप में किसी जनप्रतिनिधि की संलिप्तता साबित नहीं करता। लेकिन नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में पारदर्शिता रखे और रिकॉर्ड के आधार पर सभी सवालों के जवाब दे।
अमन सैनी का बयान—नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए
अमन सैनी ने इस मामले को नगर निगम कमिश्नर के ध्यान में लाते हुए मांग की कि संबंधित इमारत की फाइल और सीलिंग से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जाए।उन्होंने कहा कि यदि किसी इमारत को नियमों के उल्लंघन के कारण सील किया गया था, तो उसे दोबारा खोलने के पीछे क्या आधार था, यह स्पष्ट होना चाहिए। प्रशासन को यह भी बताना चाहिए कि सील खोलने की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत दी गई और क्या सभी आवश्यक शर्तें पूरी की गई थीं।अमन सैनी के अनुसार, नगर निगम के नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। किसी भी मामले में कार्रवाई तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
सील किसके आदेश पर खुली? पुलिस रिपोर्ट के बाद क्या हुआ?
सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि इमारत को पहले सील किया गया था और बाद में उसकी सील खोल दी गई। यह भी कहा जा रहा है कि मामले में पुलिस थाने में रिपोर्ट दी गई थी। हालांकि, इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित दस्तावेजों की जांच होना अभी बाकी है।नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि इमारत को सील करने का आधार क्या था, सील खोलने की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत दी गई और पुलिस को रिपोर्ट देने के बाद क्या कदम उठाए गए।
MTP ने कहा—मामला मेरे ध्यान में आ गया है, ATP को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं
नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के MTP के अनुसार, सील की गई इमारत को दोबारा खोले जाने से संबंधित मामला उनके ध्यान में आ गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित ATP को जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत को किस आधार पर सील किया गया था और सील खोलने की प्रक्रिया नियमानुसार हुई थी या नहीं।
डिप्टी मेयर से संपर्क करने की कोशिश, फोन नहीं उठाया
डिप्टी मेयर के वार्ड में स्थित बताई जा रही सील की गई इमारत को दोबारा खोले जाने के मामले में उनका पक्ष जानने के लिए फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार प्रयास के बावजूद फोन नहीं उठाया गया। इस कारण मामले पर डिप्टी मेयर का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

