लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच पर सवाल: करोड़ों का राजस्व बढ़ सकता है, फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
जोन-A से जोन-D तक निर्माणों की जांच की मांग, बिल्डिंग इंस्पेक्टरों और ATP की भूमिका पर उठे सवाल
लुधियाना | 26 अक्टूबर 2026 अरुण कुमार
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जीत समाचार ने कई ऐसे मामलों को उठाया है, जिनमें कथित तौर पर भवन निर्माण की मंजूरी, नक्शे और फीस जमा करवाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। सवाल यह है कि यदि सभी निर्माणों की नियमानुसार जांच हो और बकाया सरकारी फीस जमा करवाई जाए, तो नगर निगम के राजस्व में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?
आरोप हैं कि कुछ मामलों में बिल्डिंग इंस्पेक्टरों और ATP की ओर से उच्च अधिकारियों तक पूरी जानकारी पहुंचाने और शिकायतों पर कार्रवाई करने में कमी रही है।
जोन-A, B, C और D की फाइलें जांच के दायरे में?
जीत समाचार जल्द ही अलग-अलग जोन में सामने आए निर्माणों से जुड़े दस्तावेज, उपलब्ध तस्वीरें और शिकायतों का विवरण सार्वजनिक करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में उन मामलों पर भी सवाल उठाए जाएंगे, जहां शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सरकार के राजस्व का सवाल
नक्शे की मंजूरी, लागू कंपाउंडिंग फीस और अन्य वैधानिक शुल्क नियमानुसार जमा करवाना जरूरी है। यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को रिकॉर्ड की जांच करके उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इससे सरकारी राजस्व की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकती है।
अब बड़ा सवाल: क्या नए नगर निगम कमिश्नर बिल्डिंग ब्रांच के कामकाज, ATP और बिल्डिंग इंस्पेक्टरों की भूमिका तथा लंबित शिकायतों की समीक्षा करवाएंगे? जीत समाचार इस मुद्दे पर दस्तावेजों के आधार पर आगे भी रिपोर्टिंग करेगा।

