बूढ़े दरिया में गोबर फेंका तो खैर नहीं! निगम कमिश्नर डॉ. महिंदरू का सख्त एक्शन
दोषियों पर FIR और संपत्तियां सील करने के निर्देश, डेयरी मालिकों को दो टूक चेतावनी!
हैबोवाल और ताजपुर रोड डेयरी कॉम्प्लेक्सों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों व ठेकेदारों को सख्त हिदायतें
लुधियाना, 28 अक्टूबर (अरुण कुमार)
बूढ़े दरिया की सफाई और पुनर्जीवन को लेकर नगर निगम लुधियाना ने सख्त रुख अपना लिया है। दरिया में गोबर और डेयरी का कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर डॉ. अंकुर महिंदरू ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करवाने और जरूरत के अनुसार संपत्तियां सील करने की कार्रवाई की जाए।
ये निर्देश बुधवार को सराभा नगर स्थित नगर निगम के जोन-डी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में बूढ़े दरिया को प्रदूषण से बचाने, डेयरियों से गोबर की नियमित उठान और जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने को लेकर चर्चा की गई।
गोबर फेंकने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
कमिश्नर डॉ. अंकुर महिंदरू ने स्पष्ट किया कि बूढ़े दरिया में गोबर या अन्य डेयरी अपशिष्ट फेंकने के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ठेकेदारों को भी सख्त निर्देश
बैठक में हैबोवाल और ताजपुर रोड डेयरी कॉम्प्लेक्सों से गोबर उठाने के लिए नियुक्त ठेकेदार भी मौजूद रहे। उन्हें निर्देश दिए गए कि डेयरियों से गोबर नियमित रूप से उठाया जाए, ताकि इसे गलत स्थानों पर फेंकने और दरिया को प्रदूषित करने की समस्या पर रोक लगाई जा सके।
बैठक में नगर निगम के संयुक्त कमिश्नर अमनप्रीत सिंह, संयुक्त कमिश्नर तपन भनोट, निगरान इंजीनियर एकजोत सिंह, एमटीपी विजय कुमार के अलावा स्वास्थ्य शाखा, पुलिस और पशुपालन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
डेयरी मालिकों से अपील—दरिया को प्रदूषित न करें
डॉ. महिंदरू ने डेयरी मालिकों से अपील की कि वे बूढ़े दरिया में गोबर या अन्य अपशिष्ट न फेंकें और इसकी सफाई के लिए प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि दरिया का पुनर्जीवन सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि सख्त आदेशों के बाद बूढ़े दरिया में गोबर फेंकने की समस्या पर कितनी प्रभावी रोक लगती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कब जमीन पर दिखाई देती है।

