कुदरती आफ़तों से सब्ज़ियों को हुए नुकसान के लिए नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत किसानों को दी जा रही सब्सिडी
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किसान गेहूं और धान छोड़कर सब्ज़ियों की खेती कर रहे हैं – डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर
लुधियाना, 12 जनवरी (गगन कुमार)
पंजाब सरकार के जारी आदेशों के अनुसार, हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट कुदरती आफ़तों से सब्ज़ियों को हुए नुकसान के लिए आर्थिक मदद देगा। ये बातें लुधियाना के डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर डॉ. दलबीर सिंह ने एक प्रेस नोट के ज़रिए जानकारी देते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के जारी आदेशों और शैलेंद्र कौर (IFS), डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर, पंजाब की गाइडलाइंस के तहत, नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत किसान हाइब्रिड सब्ज़ियों के लिए 24000 रुपये प्रति हेक्टेयर और ओपन पॉलिनेटेड लहसुन, प्याज़ और पत्तेदार सब्ज़ियों वगैरह के लिए 20000 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद ले सकते हैं।
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. दलबीर सिंह ने यह भी साफ़ किया कि किसान ज़्यादा से ज़्यादा 2 हेक्टेयर के लिए आर्थिक सब्सिडी ले सकते हैं। उन्होंने लुधियाना जिले के हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर्स को निर्देश दिए और कहा कि किसान भाइयों से संपर्क करके तुरंत फाइलें भेजी जाएं ताकि कुदरती आफतों से सब्जियों के नुकसान के लिए किसानों को राहत दी जा सके। उन्होंने किसान भाइयों को गेहूं और धान से ऊपर उठकर सब्जियों की खेती करने के लिए भी प्रेरित किया।
सब्जियां उगाने वाले किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे ब्लॉक लेवल पर हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर से संपर्क करें और फाइनेंशियल मदद के लिए अप्लाई करें और ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाएं।
इसके अलावा, हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत शेड नेट हाउस, हॉर्टिकल्चर मैकेनाइजेशन, मधुमक्खी पालन, प्लास्टिक टनल/मल्चिंग, केंचुआ खाद तैयार करना, मशरूम यूनिट और कोल्ड स्टोर समेत कई चीज़ों के लिए फाइनेंशियल मदद भी दे रहा है।
