दियोटसिद्ध में चैत्र मास मेलों के लिए करें सभी आवश्यक प्रबंध : गंधर्वा राठौड़
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जिलाधीश ने मेलों की तैयारियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ की बैठक
दियोटसिद्ध 27 जनवरी।सतीश शर्मा
उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थ श्री बावा बालक नाथ जी मंदिर दियोटसिद्ध में इस वर्ष 14 मार्च से 13 अपै्रल तक आयोजित किए जाने वाले चैत्र मास मेलों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिलाधीश एवं बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की आयुक्त गंधर्वा राठौड़ ने मंगलवार को यहां विभिन्न विभागों और मंदिर न्यास के अधिकारियों के साथ बैठक करके मेलों की तैयारियों की समीक्षा की।मंदिर न्यास आयुक्त बनीं गंधर्वा राठौड़, श्रद्धालुओं ने दी बधाई लेकिन चैत्र मेले को लेकर जताई चिंता

श्रद्धालुओं ने श्री बाबा बालक नाथ जी मंदिर न्यास की नई आयुक्त गंधर्वा राठौड़ को नियुक्ति पर बधाई दी है। राठौड़ के आगमन से मंदिर समिति में नई ऊर्जा की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, चैत्र मास के आगामी मेले को लेकर श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता जताई है।
पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से आने वाले हजारों भक्तों का कहना है कि पहले सत्संग हॉल में भजन-कीर्तन के लिए पर्याप्त जगह होती थी, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ विराजमान हो जाते थे। लेकिन अब यह हॉल तोड़ दिया गया है, जिससे बैठने की कोई व्यवस्था नहीं बची है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को तो रोजाना हजारों की संख्या में दर्शनार्थी आते हैं, मेले में तो संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।
श्रद्धालुओं की प्रमुख मांगें
बैठने की व्यवस्था:
सत्संग हॉल की कमी से भक्तों को खुले में बैठना पड़ेगा, बारिश-धूप में दिक्कत होगी।
पानी-शौचालय:
पीने के पानी और शौचालय की पर्याप्त सुविधा न होने से बड़ी परेशानी हो सकती है।
लंगर 24 घंटे:
मेले के दौरान हर 24 घंटे लंगर उपलब्ध हो, ताकि भक्तों को भूखा न रहना पड़े।
श्रद्धालुओं ने आयुक्त गंधर्वा राठौड़ से अपनी बात रखी है।
उनका कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ में दर्शन और व्यवस्था कैसे संभव होगी, यह तो आने वाले चैत्र मेले में ही साफ होगा। न्यास प्रबंधन ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन श्रद्धालु उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही पुख्ता प्लानिंग की जाएगी।
वक्त ही बताएगा कि नई आयुक्त मेले को सुचारू रूप से कैसे आयोजित करवाती हैं। ?
