बैंक ऑफ बड़ौदा में ‘काम ठप’ की सुगबुगाहट: भारी दबाव के बीच कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

मुंबई/नई दिल्ली | विशेष संवाददाता

बैंक ऑफ बड़ौदा के वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के नतीजे | 5,048 करोड़  रुपये का मुनाफा और 8.35 करोड़ रुपये का लाभांश घोषितदेश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) में इन दिनों ‘छुट्टी’ और ‘विरोध’ का शोर थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया से लेकर बैंकिंग गलियारों तक यह चर्चा जोरों पर है कि बैंक के कर्मचारी प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं।

क्या है विवाद की मुख्य वजह ?
खबरों के अनुसार, बैंक कर्मचारी विशेष रूप से ‘Bob World’ ऐप के पंजीकरण और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते लक्ष्यों से परेशान हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें अव्यावहारिक टारगेट दिए जा रहे हैं, जिसे पूरा न करने पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी ने काम के बोझ को दोगुना कर दिया है।

सोशल मीडिया पर ‘Mass Leave’ का ट्रेंड

पिछले कुछ दिनों में ट्विटर (X) और व्हाट्सएप पर ऐसी खबरें वायरल हुईं कि कई क्षेत्रों के कर्मचारी एक साथ सामूहिक अवकाश (Mass Leave) पर जाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, ऑल इंडिया बैंक ऑफ बड़ौदा एम्प्लाइज फेडरेशन ने अभी तक किसी देशव्यापी हड़ताल का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शनों की खबरें लगातार आ रही हैं।

ग्राहकों पर क्या होगा असर ?

अगर यह विरोध बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में बैंक की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। फिलहाल, बैंक प्रबंधन स्थिति को संभालने और कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहा है ताकि बैंकिंग सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।

दैनिक विज्ञापन
दैनिक विज्ञापन

You may have missed