पंजाब स्टेट चाइल्ड वेलफेयर कमीशन की वाइस चेयरमैन गुंजीत रुचि बावा ने अमृतसर का दौरा किया
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अलग-अलग सर्विस इंस्टीट्यूशन में बच्चों की भलाई के लिए की जा रही कोशिशों का रिव्यू किया
अमृतसर, 5 फरवरी (कमल पवार)
पंजाब स्टेट चाइल्ड वेलफेयर कमीशन की वाइस चेयरमैन श्रीमती गुंजीत रुचि बावा ने आज ऑल इंडिया पिंगलवाड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट, बीबी भानी कन्या नेत्रहीन विद्यालय, सेंट्रल खालसा यतीमखाना, कम्युनिटी होम फॉर मेंटली रिटार्डेड (गर्ल्स), इंस्टिट्यूट फॉर ब्लाइंड, स्टेट आफ्टरकेयर होम और स्पेशल होम अमृतसर का दौरा किया। इन इंस्टीट्यूशन के दौरे के दौरान, वाइस चेयरमैन श्रीमती गुंजीत रुचि बावा ने इंस्टीट्यूशन का कामकाज देखा और यहां बच्चों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
सबसे पहले सुबह पंजाब स्टेट चाइल्ड वेलफेयर कमीशन की वाइस चेयरमैन श्रीमती गुंजीत रुचि बावा ऑल इंडिया पिंगलवाड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट, अमृतसर पहुंचीं, जहां उन्होंने पिंगलवाड़ा के भगत पूरन सिंह जी के जीवन और काम के बारे में जानकारी ली और उनके द्वारा पिंगलवाड़ा में चलाए जा रहे बेसहारा, बीमार और बेसहारा लोगों को दी जा रही सुविधाओं को देखा। उन्होंने कहा कि भगत पूरन सिंह द्वारा शुरू किया गया यह सेवा केंद्र सही मायने में इंसानियत की सेवा के लिए पूरी लगन से काम कर रहा है।
इसके बाद वाइस चेयरमैन श्रीमती गुंजीत रुचि बावा ने बीबी भानी कन्या नेत्रहीन विद्यालय, सेंट्रल खालसा यतीमखाना, कम्युनिटी होम फॉर मेंटली रिटार्डेड (गर्ल्स), इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड, स्टेट आफ्टरकेयर होम और स्पेशल होम अमृतसर का दौरा किया और एडमिनिस्ट्रेटर्स से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है और इन सभी संस्थाओं को भी बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर इसी तरह पूरी ईमानदारी से काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब स्टेट चाइल्ड वेलफेयर कमीशन बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से समर्पित है और अगर किसी बच्चे के साथ कोई गलत व्यवहार या भेदभाव होता है, तो उस मामले में पंजाब स्टेट चाइल्ड वेलफेयर कमीशन से संपर्क किया जा सकता है। इसके बाद, पंजाब स्टेट चाइल्ड वेलफेयर कमीशन की वाइस चेयरमैन श्रीमती गुंजीत रुचि बावा ने डिप्टी कमिश्नर अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह के साथ मीटिंग की। इस मौके पर उनके साथ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य श्री एम.के. शर्मा, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी तरनजीत सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
