पंजाब रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में ‘डिग्री फेल, सेटिंग पास’: BA की जगह स्टेनो बनो, अफसर खुद बना देंगे क्लर्क – दैनिक जीत समाचार ने खोली भ्रष्टाचार की पोल

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स्टाफ कम’ का बहाना बनाकर नियमों को डस्टबिन में फेंका, उच्च अधिकारी बोले- ‘पब्लिक डीलिंग भी स्टेनो ही संभालेगा’, मंत्रियों की सिफारिश से कार्रवाई पर लगा ब्रेक

पंजाब , 9 मई 2026 ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट

पंजाब सरकार एक तरफ ‘भ्रष्टाचार खत्म करने’ के दावे करती है, लेकिन रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस RTO पंजाब में भ्रष्टाचार सिर्फ कागजों में खत्म हुआ है। ‘दैनिक जीत समाचार’ आपके सामने लाया है RTO का नया कारनामा, जहां नियम-कायदे अफसरों की जेब में रखे जाते हैं

‘BA पास’ की शर्त को किया फेल

नियम कहते हैं कि क्लर्क लगने के लिए BA पास होना जरूरी है। लेकिन RTO पंजाब के उच्च अधिकारियों ने इस डिग्री को ही ‘फेल’ कर दिया। यहां फॉर्मूला नया है: “BA पास करने की जरूरत नहीं, स्टेनो बनो और क्लर्क का काम हम खुद दे देंगे।”सब जानते हैं कि स्टेनो लगने के लिए कितनी पढ़ाई चाहिए – सिर्फ 12वीं + स्टेनो कोर्स। लेकिन रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के मेहरबान अफसरों ने स्टेनो को ही क्लर्क की कुर्सी पर बिठा दिया।

अफसरों का ‘घिसा-पिटा’ बहाना

जब सवाल पूछो तो उच्च अधिकारियों के पास एक ही बहाना है – “दफ्तर में स्टाफ कम है।” कमाल देखिए, जो स्टेनो का असली काम है, डिक्टेशन-टाइपिंग, वो इनसे होता नहीं। मगर ‘पब्लिक डीलिंग’ का पूरा काम इन्हीं स्टेनो से करवाया जा रहा है। इससे साफ है कि रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में तरक्की के लिए पढ़ाई नहीं, ‘अफसर के साथ सेटिंग’ जरूरी है। स्टेनो बनो, अफसर खुश तो प्रमोशन पक्की।

‘करंट चार्ज’ के हुक्म भी डस्टबिन में

सूत्रों की मानें तो उच्च अधिकारियों ने तो ‘करंट चार्ज’ के सरकारी हुक्मों को भी अनदेखा कर डस्टबिन में फेंक दिया है। नियम कहते हैं कि बिना योग्यता के किसी को चार्ज नहीं दे सकते, लेकिन यहां सब चलता है।

कार्रवाई क्यों नहीं? क्योंकि ‘ऊपर तक सिफारिश’ है

सबसे बड़ा सवाल – इन उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? जवाब दफ्तर में ही गूंजता है – “इनकी ऊपर तक मंत्रियों से सिफारिश होती है, इसलिए इन पर कोई हाथ नहीं डालता।”

दैनिक जीत समाचार का खुलासा: सरकार कहती है ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’, लेकिन RTO पंजाब में ‘फुल टॉलरेंस ऑन सेटिंग’ चल रही है।

अगला खुलासा जल्द: ‘दैनिक जीत समाचार’ जल्द ही RTO पंजाब के और भेद खोलेगा। नाम, तारीख और फाइल नंबर के साथ बताएंगे कि किस स्टेनो को कब और किस अफसर की मेहरबानी से क्लर्क का चार्ज मिला।

हमारा सवाल ट्रांसपोर्ट मंत्री से:

क्या स्टेनो को क्लर्क का चार्ज देना नियमों के तहत है?’

स्टाफ कम’ का बहाना कब तक चलेगा ?

जिन अफसरों ने हुक्मों को डस्टबिन में फेंका, उन पर कब होगी कार्रवाई ?

वर्जन: RTO के उच्च अधिकारियों को फोन, व्हाट्सएप किया गया, लेकिन जवाब देना किसी ने जरूरी नहीं समझा।

“Jeet Samachar Daily Hindi Newspaper Ludhiana – RNI PUNHIN/2013/60106. Read today’s e-paper online at zeetsamachar.com”

 

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