नए कमिश्नर की एंट्री से नगर निगम में हलचल, “कुर्सी बचाओ” मोड में अफसर
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3 साल पॉलिसी धरी रह गई किनारे, 5-8 साल से जमे अधिकारी रडार पर
लुधियाना, 18 जून विक्की कुमार
नगर निगम लुधियाना में नए कमिश्नर के कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जोनल दफ्तरों से लेकर मुख्यालय तक अफसरों में बेचैनी साफ देखी जा रही है। लंबे समय से लंबित तबादलों को लेकर अब सख्ती के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
एक ही सीट पर सालों से जमे अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, निगम में अधिकारी ऐसे हैं जो पिछले 5 से 8 वर्षों से एक ही ब्रांच और सीट पर तैनात हैं। इनमें बिल्डिंग ब्रांच, तहबाजारी, प्रॉपर्टी टैक्स और विज्ञापन शाखा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 11 अधिकारियों के तबादला आदेश पिछले दो वर्षों में तीन बार जारी हुए, लेकिन हर बार उच्च स्तर से हस्तक्षेप के कारण उन्हें लागू नहीं किया जा सका।
पॉलिसी के बावजूद लापरवाही
पंजाब सरकार की 2018 ट्रांसफर पॉलिसी के नियम 4.2 के तहत किसी भी ग्रुप-B और C अधिकारी को एक ही सीट पर अधिकतम 3 साल तक ही तैनात रखा जा सकता है, जिसे विशेष परिस्थितियों में 6 महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
इसके बावजूद निगम के रिकॉर्ड बताते हैं कि लगभग 14% कर्मचारी 5 साल से अधिक समय से एक ही सीट पर कार्यरत हैं।
“कुर्सी बचाओ” के लिए चल रही रणनीतियां
नए कमिश्नर की सख्ती के संकेत मिलते ही कुछ अधिकारियों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
सियासी संपर्कों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश
अचानक मेडिकल लीव के आवेदन
संभावित तबादले के खिलाफ कोर्ट से स्टे लेने की तैयारी
पुराना पैटर्न, नई चुनौती
नगर निगम में यह स्थिति नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से कमिश्नर बदल चुके हैं, लेकिन प्रभावशाली अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
विजिलेंस की 2022 की रिपोर्ट में भी कुछ संवेदनशील सीटों पर पोस्टिंग के लिए कथित रूप से 5 से 15 लाख रुपये तक के लेनदेन की शिकायतें सामने आई थीं।
जनता की नाराजगी
स्थानीय लोगों में भी इस व्यवस्था को लेकर असंतोष है। फील्डगंज के एक दुकानदार ने बताया कि तहबाजारी से जुड़े अधिकारी वर्षों से एक ही स्थान पर हैं और नियमों के बजाय “सेटिंग” के आधार पर कार्रवाई करते हैं।
आगे क्या ?
सूत्रों के मुताबिक, कमिश्नर ने सभी विभागों से 3 साल से अधिक समय से एक ही सीट पर कार्यरत कर्मचारियों की सूची मांगी है।
25 जून तक पहली तबादला सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
बड़ा सवाल
क्या इस बार “नो सिफारिश, ओनली पॉलिसी” का फॉर्मूला लागू होगा, या फिर पहले की तरह यह मामला भी कुछ दिनों की हलचल के बाद ठंडा पड़ जाएगा ?
“Jeet Samachar Daily Hindi Newspaper Ludhiana – RNI PUNHIN/2013/60106. Read today’s e-paper online at zeetsamachar.com”
