विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू की अगुवाई में अधीन विधान कमेटी ने लुधियाना की तीनों जेलों का किया निरीक्षण
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कैदियों को मिल रही सुविधाओं का लिया जायजा, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकारों की पालना पर दिया जोर
लुधियाना, 1 जुलाई 2026 | यादविंदर
पंजाब विधानसभा की “अधीन विधान कमेटी” ने बुधवार को अपने सभापति एवं कुलवंत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लुधियाना की सेंट्रल जेल, महिला जेल और बोरस्टल जेल का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेलों में बंद कैदियों एवं विचाराधीन कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करना, जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली का आकलन करना तथा पारदर्शिता एवं मानवाधिकारों के मानकों की पालना सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा कि अधीन विधान कमेटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जेलों में बंद प्रत्येक कैदी और विचाराधीन कैदी को सरकार द्वारा निर्धारित सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने बताया कि कमेटी ने निरीक्षण के दौरान कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने हैं। इन मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि कहीं किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान कमेटी ने जेलों की आवासीय व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। साथ ही कैदियों एवं विचाराधीन कैदियों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी भी प्राप्त की गई। निरीक्षण के उपरांत जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं में और सुधार लाने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) डॉ. नरिंदर धालीवाल, उप मंडल मजिस्ट्रेट जसलीन कौर भुल्लर, डी.आई.जी. जेलें एस.एस. मंड, ए.डी.सी.पी. (इन्वेस्टिगेशन) अमनदीप बराड़, सी.पी.ओ. जेल मुख्यालय चंडीगढ़ कंवर वी.पी. सिंह, सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट कुलवंत सिंह, एडिशनल जेल सुपरिंटेंडेंट बलवीर सिंह, बोरस्टल जेल के सुपरिंटेंडेंट गुरप्रीत सिंह, महिला जेल के सुपरिंटेंडेंट दलबीर सिंह काहलों, डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट रमनजीत कौर सहित जिला प्रशासन, पुलिस और जेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
