लुधियाना नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच पर सवाल! तस्वीरों में दिखी कथित अनियमितता, कार्रवाई कब होगी?
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जीत समाचार के पास पहुंची तस्वीरें | नियमों के मुताबिक निर्माण हो रहा है या कथित तौर पर नियमों की अनदेखी? | कमर्शियल बिल्डिंगों को लेकर जल्द होगा बड़ा खुलासा
लुधियाना, 28 अगस्त (विक्की कुमार)
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच से जुड़ी एक ऐसी तस्वीर जीत समाचार के हाथ लगी है, जिसने बिल्डिंगों के निर्माण और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।तस्वीर में निर्माणाधीन बिल्डिंग को लेकर कथित तौर पर नियमों की अनदेखी किए जाने का सवाल उठ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे और नगर निगम के नियमों के मुताबिक नहीं हो रहा, तो संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
अधिकारी मौके पर जांच क्यों नहीं करतेV?
बिल्डिंग ब्रांच की जिम्मेदारी है कि निर्माणाधीन इमारतों की निगरानी की जाए और नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर और अधिकारियों की नजर इस निर्माण पर क्यों नहीं पड़ी?हालांकि, तस्वीर के आधार पर किसी बिल्डिंग को गैरकानूनी घोषित करना उचित नहीं होगा। असली स्थिति नगर निगम के स्वीकृत नक्शे, परमिशन और मौके की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जीत समाचार करेगा कमर्शियल बिल्डिंगों का खुलासा
जीत समाचार जल्द ही शहर की कई कमर्शियल बिल्डिंगों की स्थिति को लेकर पड़ताल सामने लाएगा। सवाल साफ है—
1 क्या सभी कमर्शियल बिल्डिंगों के नक्शे पास हैं?
2 क्या नियमों के मुताबिक निर्माण हो रहा है?
3 क्या कंपाउंडिंग या अन्य सरकारी फीस जमा करवाई गई है?और अगर कहीं नियमों का उल्लंघन है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
अब असली परीक्षा अफसरों की! कमर्शियल बिल्डिंग पर चलेगा कानून या कर्मचारियों का इशारा?
अब देखना होगा कि इस कमर्शियल बिल्डिंग को लेकर नगर निगम के उच्च अधिकारी क्या रुख अपनाते हैं। क्या मौके पर जांच होगी, नक्शा और मंजूरी की पूरी पड़ताल होगी और अगर नियमों का उल्लंघन मिला तो कार्रवाई होगी? या फिर मामला वही पुरानी फाइलों और कर्मचारियों की रिपोर्ट में उलझकर रह जाएगा?
सवाल बड़ा है—फैसला अफसर करेंगे या नीचे बैठे कर्मचारी ?
क्या कानून सबके लिए बराबर चलेगा, या इस बिल्डिंग के लिए नियमों की किताब अलग होगी?
अब निगाहें नगर निगम के बड़े अधिकारियों पर हैं। जवाब आएगा या मामला दब जाएगा—यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
