ज़ोन – डी में ब्लॉक 27 की बिल्डिंग का खेल! भाग-1

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मार्केट तैयार होती रही, बिल्डिंग ब्रांच बेखबर ? एटीपी ज़ोन डी बोले—“बिल्डिंग की फोटो मंगवाई है, यह तो पहले से बन रही है!


जीत समाचार | लुधियाना 9 सितंबर 2026 विक्की कुमार

लुधियाना नगर निगम की जोन-डी बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ब्लॉक 27 में बन रही बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग को लेकर जीत समाचार ने पहले भी सवाल उठाए थे। अब मामले में बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों के बयान ने ही कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।जब इस मामले में जोन-डी  के एटीपी से बात की गई तो उन्होंने कहा—“मैंने बिल्डिंग की फोटो मंगवाई है, यह बिल्डिंग तो पहले से ही बन रही है।”अब सवाल यह है कि अगर ATP को खुद कहना पड़ रहा है कि “बिल्डिंग तो पहले से बन रही है”, तो फिर इतनी बड़ी इमारत बनने तक विभागीय निगरानी कहां थी?

एटीपी ज़ोन डी को फोटो मंगवानी पड़ी, इंस्पेक्टर को पता ही नहीं!

मामला यहीं खत्म नहीं होता। जब संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर से इस निर्माण के बारे में जानकारी ली गई तो कथित तौर पर जवाब मिला—“मुझे तो पता ही नहीं कि यह बिल्डिंग कहां बन रही है!”एक तरफ बिल्डिंग पहले से बन रही है और दूसरी तरफ संबंधित इंस्पेक्टर को इसकी जानकारी नहीं—तो फिर जोन-डी में निर्माण कार्यों की निगरानी आखिर कौन कर रहा है?

रिहायशी इलाके में कमर्शियल बिल्डिंग, नियम क्या कहते हैं?

 इस बिल्डिंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसके उपयोग और मंजूरी पर भी है। यदि क्षेत्र रिहायशी है तो इतनी बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग का नक्शा किस आधार पर पास हुआ?

1 क्या सभी जरूरी मंजूरियां ली गई हैं?

2 क्या मौके का निरीक्षण हुआ?

3 क्या निर्माण शुरू होने के बाद कोई नोटिस जारी हुआ?

4 और अगर बिल्डिंग पहले से बन रही थी तो कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई?

बिल्डिंग बनती रही, विभाग की नजर कब पड़ी?

नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच का काम निर्माणाधीन इमारतों पर नजर रखना और नियमों का पालन करवाना है। ऐसे में एटीपी जोन-डी का “पहले से बन रही है” वाला बयान अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।अब देखना यह है कि नगर निगम कमिश्नर इस मामले में मौके की जांच करवाते हैं या नहीं और यह पता लगाया जाता है कि ब्लॉक 27 की इस बिल्डिंग को लेकर अब तक विभाग ने क्या कार्रवाई की है।

जीत समाचार इस मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की पड़ताल जारी रखेगा।

सवाल सीधा है—बिल्डिंग पहले से बन रही थी तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई?

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