डिप्टी मेयर का ‘लाइव ड्रामा’ या देर से जागी कार्रवाई?
6 महीने से कट रही कॉलोनी, अब कैमरे के सामने एक्शन! सवाल—पहले क्यों नहीं दिखी?
जीत समाचार | लुधियाना | 9 सितंबर 2026 | विक्की कुमार
नगर निगम में अवैध निर्माण और कॉलोनियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला जोन-C की एक कॉलोनी का है, जहां डिप्टी मेयर द्वारा सोशल मीडिया पर लाइव होकर नगर निगम कमिश्नर को फोन कर कार्रवाई की मांग की गई। इसे लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है—जब कॉलोनी कई महीनों से विकसित हो रही थी तो कार्रवाई की जरूरत अब क्यों महसूस हुई?
डिप्टी मेयर को अब क्यों दिखी कॉलोनी ?
शिकायत के अनुसार, संबंधित कॉलोनी में पिछले करीब 6 महीने से काम चल रहा है। वहीं डिप्टी मेयर को पद संभाले भी एक साल से अधिक समय हो चुका है और बताया जा रहा है कि उनका इस रास्ते से नियमित आना-जाना है।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतने लंबे समय तक यह निर्माण नजरों से कैसे बचा रहा? क्या विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं?
एक साल से पद पर, फिर 6 महीने तक नजर क्यों नहीं?
बताया जा रहा है कि डिप्टी मेयर को पद संभाले एक साल से अधिक समय हो चुका है और उनका इस क्षेत्र से नियमित आना-जाना भी है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कई महीनों से चल रहे निर्माण की जानकारी पहले क्यों नहीं हुई?क्या निगम की फील्ड मॉनिटरिंग व्यवस्था इतनी कमजोर है कि निर्माण पूरा होने के करीब पहुंचने के बाद मामला सामने आता है?
सरकार को बदनाम किया जा रहा है”—तो जिम्मेदार कौन?
लाइव वीडियो में डिप्टी मेयर की ओर से सरकार की छवि खराब होने की बात कही गई। ऐसे में दूसरा सवाल भी सामने आता है—अगर सरकार अपनी है और निगम के अधिकारी उसी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, तो आखिर ऐसी स्थिति पैदा होने की जिम्मेदारी किसकी है?
फाइलें दफ्तर में घूमती रहीं तो कार्रवाई कहां रही?
निगम सूत्रों के मुताबिक, संबंधित क्षेत्र में कॉलोनी और निर्माण से जुड़ी शिकायतें पहले भी विभाग तक पहुंचती रही हैं। यदि ऐसा है तो सवाल यह है कि शिकायतों के बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?हालांकि, इन दावों की वास्तविक स्थिति निगम के रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब कैमरे से जमीन तक पहुंचेगा मामला ?
लाइव वीडियो और कमिश्नर को फोन के बाद अब असली परीक्षा नगर निगम प्रशासन की है। यदि कॉलोनी नियमों के विपरीत है तो क्या निर्माण रुकवाया जाएगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा? और क्या अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई होगी?
जीत समाचार का सवाल सीधा है—लाइव वीडियो से सुर्खियां मिल सकती हैं, लेकिन अवैध निर्माण रोकने के लिए जमीन पर कार्रवाई कब होगी?
जीत समाचार को जानकारी मिली है कि कुछ अन्य बिल्डिंगों और निर्माणों से संबंधित शिकायतें भी जल्द नगर निगम के समक्ष रखी जाएंगी। अब देखना होगा कि उन मामलों में निगम प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।
जीत समाचार जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाता रहेगा।
