लुधियाना नगर निगम में CDC चार्ज का खेल कब होगा खत्म? नए कमिश्नर डॉ. अंकुर महिंद्रू के सामने बड़ी चुनौती!
पूर्व महिला कमिश्नर ने अदालत के आदेशों पर तुरंत की थी कार्रवाई, उनके जाते ही फिर शुरू हुई CDC चार्ज की व्यवस्था! जोन-A,C और D में अतिरिक्त चार्ज को लेकर उठे सवाल
जोन-B में प्रॉपर्टी टैक्स का CDC चार्ज संभालने वाले कर्मचारी के 25 हजार रुपये रिश्वत मामले में पकड़े जाने का भी दावा, अब प्रशासन से जवाब मांग रहे शहरवासी
लुधियाना, 30 अक्टूबर। विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम में जीत समाचार की ओर से लगातार उठाया जा रहा CDC चार्ज का मुद्दा अब नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ा सवाल बनता जा रहा है। इस मामले पर अब शहरवासियों की निगाहें नए नगर निगम कमिश्नर डॉ. अंकुर महिंद्रू पर टिकी हुई हैं। सवाल यह है कि क्या नए कमिश्नर बिल्डिंग ब्रांच में चल रही CDC चार्ज की व्यवस्था की समीक्षा कर इसे नियमों के अनुसार करवाएंगे या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
पूर्व कमिश्नर ने दिखाई थी कार्रवाई, फिर दोबारा कैसे शुरू हुआ CDC चार्ज?
जीत समाचार की जानकारी के अनुसार, पूर्व महिला कमिश्नर के कार्यकाल में CDC चार्ज को लेकर मामला सामने आने पर माननीय अदालत के आदेशों की पालना करते हुए तत्काल कार्रवाई की गई थी।
उस समय एक ड्राफ्ट्समैन को अतिरिक्त जिम्मेदारी से हटाकर उसके मूल ड्राफ्ट्समैन के पद पर काम सौंप दिया गया था। वहीं ATP का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे अधिकारी को भी उस जिम्मेदारी से हटा दिया गया था।
लेकिन पूर्व कमिश्नर के तबादले के बाद एक बार फिर CDC चार्ज दिए जाने की व्यवस्था शुरू होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जोन-A, , C और D में CDC चार्ज पर उठे सवाल
जीत समाचार शुरू से ही नगर निगम के अलग-अलग जोनों में CDC चार्ज के मुद्दे को प्रमुखता से उठाता आया है। जानकारी के अनुसार, जोन-A, जोन-C और जोन-D में भी CDC चार्ज दिए जाने को लेकर सवाल सामने आए हैं।सवाल यह है कि जब अदालत के आदेशों के अनुसार पहले अतिरिक्त चार्ज हटाए गए थे, तो फिर दोबारा ऐसी व्यवस्था किस आधार पर शुरू हुई? क्या संबंधित अधिकारियों को चार्ज देने से पहले कानूनी नियमों और अदालत के आदेशों की समीक्षा की गई?नगर निगम प्रशासन को इन सभी सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जोन-B में 25 हजार रुपये रिश्वत मामले ने बढ़ाई चर्चा
इस पूरे मामले में जोन-B का प्रॉपर्टी टैक्स विभाग भी चर्चा में आ गया है। जानकारी और सामने आए दावों के अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित CDC चार्ज संभालने वाले एक कर्मचारी को पिछले दिनों 25 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने का मामला सामने आया था।इस घटनाक्रम के बाद अतिरिक्त चार्ज की व्यवस्था और अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। हालांकि, इस मामले में संबंधित जांच एजेंसी के रिकॉर्ड और आधिकारिक कार्रवाई के आधार पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
नए कमिश्नर के आने से लंबे समय से एक सीट पर बैठे कर्मचारियों में हलचल
डॉ. अंकुर महिंद्रू के नगर निगम कमिश्नर का पद संभालने के बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया भी चर्चा में है। लंबे समय से एक ही सीट पर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों के तबादलों की शुरुआत होने से नगर निगम में हलचल देखने को मिल रही है।ऐसे में अब शहरवासियों को उम्मीद है कि नए कमिश्नर CDC चार्ज के मामले को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित आदेशों और नियुक्तियों की समीक्षा करवाएंगे।
क्या नए कमिश्नर करेंगे अदालत के आदेशों की पालना?
जीत समाचार का सीधा सवाल है कि जब पूर्व कमिश्नर ने अदालत के आदेशों का पालन करते हुए अतिरिक्त चार्ज हटाए थे, तो अब उसी व्यवस्था को दोबारा लागू करने के आधार क्या हैं?क्या नगर निगम प्रशासन सभी जोनों में CDC चार्ज की समीक्षा करवाएगा? क्या अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर भेजा जाएगा? और क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?इन सवालों का जवाब अब नगर निगम के नए कमिश्नर डॉ. अंकुर महिंद्रू से अपेक्षित है।
अब देखना होगा, कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दब जाएगा!
शहरवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नए कमिश्नर CDC चार्ज को लेकर क्या निर्णय लेते हैं। अदालत के आदेशों की पालना, सरकारी सेवा नियमों का सम्मान और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण है।
जीत समाचार की मुहिम जारी रहेगी। हमारा सवाल किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि व्यवस्था से है। जब अदालत के आदेशों की पालना पहले हो सकती है, तो अब क्यों नहीं?
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