रिहायशी इलाके में पटाखों के गोदाम में आग, 27 वर्षीय साहिल की मौत; अवैध भंडारण पर उठे गंभीर सवाल
फील्डगंज की कूचा नंबर 10 में हुआ हादसा; तंग गलियों के कारण आग बुझाने में आई मुश्किलें, गोदाम की मंजूरी और राजनीतिक दबाव को लेकर जांच की मांग
लुधियाना अक्टूबर (विक्रम सैनी)
लुधियाना के फील्डगंज इलाके में रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले घनी आबादी के क्षेत्र में पटाखों के भंडारण से जुड़ी आग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कूचा नंबर 10 के मोड़ पर स्थित एक इमारत में आग लगने से 27 वर्षीय साहिल सब्बरवाल की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पटाखों का भंडारण किस अनुमति और किन सुरक्षा इंतजामों के तहत किया जा रहा था।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैल गईं।
इस दौरान साहिल ऊपर की मंजिल की ओर गया, जहां वह आग की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि इमारत का एक हिस्सा या दीवार उसके ऊपर गिर गई, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। साहिल के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया।
रिहायशी इलाके में पटाखे रखने की अनुमति किसने दी?
इस घटना में आम आदमी पार्टी के नेता जगदीश गोल्डी सब्बरवाल का नाम सामने आ रहा है। उन्हें विधायक अशोक पराशर पप्पी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। इमारत में पटाखों के भंडारण और इसकी कानूनी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, गोदाम का स्वामित्व, पटाखों के स्टॉक की मात्रा और जरूरी अनुमतियों के बारे में अंतिम तथ्य सरकारी रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।सबसे अहम सवाल यह है कि क्या इस जगह पर पटाखे रखने के लिए लाइसेंस था? यदि लाइसेंस था, तो क्या उसकी शर्तों का पालन किया जा रहा था? क्या अग्नि सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे और संबंधित विभागों ने समय-समय पर निरीक्षण किया था? यदि जरूरी अनुमतियां नहीं थीं, तो इतने भीड़भाड़ वाले इलाके में यह भंडारण कैसे चल रहा था?
नीचे कपड़ों की दुकान, ऊपर पटाखों का भंडारण होने के दावे
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इमारत की निचली मंजिल पर ‘पुलकित फैशन किंग’ नाम की कपड़ों की दुकान होने और ऊपरी मंजिल पर पटाखे रखे होने के दावे किए जा रहे हैं। इस संबंध में इमारत के स्वीकृत नक्शे, भवन के निर्धारित उपयोग और पटाखों के भंडारण के लिए जारी लाइसेंस की जांच जरूरी है।फील्डगंज की तंग गलियों और लगातार आवाजाही के कारण आग जैसी आपात स्थिति में बचाव कार्य मुश्किल हो सकते हैं। इसलिए यह जांच भी आवश्यक है कि इमारत में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
भाजपा नेता ने की कार्रवाई की मांग
भाजपा पंजाब के कैशियर और वरिष्ठ नेता गुरदेव शर्मा देवी ने युवक की मौत पर दुख जताते हुए आरोप लगाया कि गोल्डी सब्बरवाल ने निजी लाभ के लिए बड़ी मात्रा में पटाखे जमा किए थे। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।देवी ने कहा कि यदि जांच में लापरवाही या अवैध भंडारण सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने विधायक अशोक पराशर पप्पी के बयान पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। विधायक अशोक पराशर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। संबंधित पक्षों का जवाब मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
राजनीतिक रसूख नहीं, कानून के अनुसार हो जांच
एक युवक की मौत के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जांच किसी राजनीतिक पहचान या दबाव से प्रभावित न हो। पटाखों के स्टॉक, लाइसेंस, इमारत के उपयोग, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी अनुमतियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए।इसके साथ यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित विभागों को इस भंडारण के बारे में पहले कोई शिकायत मिली थी या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस दुखद घटना के बाद प्रशासन पूरे मामले की पारदर्शी जांच करेगा और यदि अवैध भंडारण साबित होता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, या मामला केवल बयानों तक सीमित रह जाएगा?

