भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता और सुखकर्ता के रूप में जाना जाता है

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शिव और पार्वती के पुत्र हैं. महिमा का वर्णन है, जैसे कि वे ‘एकदन्त’ (एक दांत वाले)और

‘मूसे की सवारी’ (मूषक/चूहे पर सवार) करने वालेहैं.गणपति जी की सबसे प्रसिद्ध कहानी 

उनके जन्म और उनके हाथी के मुख सेजुड़ी है:जन्म की कथा: पौराणिक कथाओं के अनुसार,

माता पार्वतीने अपने शरीर के मैल से एक बालक का निर्माण किया और उसे द्वार पर

पहरा देने का आदेश दिया. जब भगवान शिव वहां पहुंचे, तो बालक ने उन्हेंअंदर जाने से रोक दिया.

क्रोधवश शिव जी ने बालक का सिर धड़ से अलग कर दिया.हाथी का मुख: माता पार्वती के अत्यंत दुखी होने पर,

शिव जी ने अपनेगणों को उत्तर दिशा में जाकर ऐसेबालक का सिर लाने को कहा जिसकी माता

उसकी ओर पीठ करके सोई हो. गण एक हाथी के बच्चे का सिर लेकर आए,

जिसे बालक के धड़ पर जोड़कर उसे पुनर्जीवित किया गया.प्रथम पूज्य का वरदान:

भगवान शिव और अन्य देवताओं ने प्रसन्न होकर गणेश जी कोआशीर्वाद दिया कि

किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में सबसे पहले उनकी ही पूजा की जाएगी.एकदन्त की

कहानी: एक अन्य कथा केअनुसार, जब गणेश जी महाभारत लिख रहे थे, तो उनकी लेखनी टूट गई थी.

कार्य में बाधा न आए, इसलिए उन्होंने अपना एक दांततोड़कर उसे लेखनी बना लिया,

                              जिससे उन्हें  ‘एकदन्त’ कहा जाने लगा

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