मेरे ध्यान में है जी’ -एटीपी का जवाब, ‘पहले फोटो भेजो’ – इंस्पेक्टर का फरमान
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जोन-सी ब्लॉक-29 में नाजायज बिल्डिंग पर नगर निगम का दोहरा चेहरा
‘जीत समाचार’ | विशेष रिपोर्ट | 26 मई 2026
लुधियाना, जसपाल बांग
नगर निगम जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच की कारगुजारी फिर सवालों के घेरे में है। ब्लॉक-29, जसपाल बांगर में नाजायज बिल्डिंग धड़ल्ले से बन रही है, लेकिन अधिकारियों के बयान ही एक-दूसरे से उलट हैं।जब ‘जीत समाचार’ ने -ए टी पी जोन-सी से पूछा तो उन्होंने कहा, “मेरे ध्यान में है जी। बिल्डिंग पर जो कानूनी कार्रवाई बनती होगी, कागज चेक करके की जाएगी।”लेकिन हैरानी तब हुई जब ब्लॉक-29 के बिल्डिंग इंस्पेक्टर से पूछा गया। उनका जवाब था – “पहले मुझे इसकी फोटो भेजो, कौन सा एरिया है? देखकर ही पता चलेगा कौन सी बिल्डिंग है।
3 सवाल जो निगम को शर्मसार करते हैं
1. इलाके का इंस्पेक्टर ही अनजान क्यों ?
जिस इंस्पेक्टर की ड्यूटी है कि रोज इलाके में घूमकर नाजायज निर्माण रोके, उसे ही पता नहीं कि उसके ब्लॉक में कौन सी बिल्डिंग बन रही है। क्या यह लापरवाही है या बिल्डिंग बचाने का खेल?
2. ए टी पी को पता, इंस्पेक्टर को नहीं ?
एटीपी कह रहे हैं कि ‘ध्यान में है’। मतलब ऊपर के अफसरों तक शिकायत पहुंच गई। फिर फील्ड पर रहने वाले बिल्डिंग इंस्पेक्टर को क्यों नहीं पता? क्या इंस्पेक्टर जानबूझकर आंखें बंद किए बैठा है?
3. ‘फोटो भेजो’ वाला सिस्टम ?
क्या अब शिकायतकर्ता ही बिल्डिंग इंस्पेक्टर को फोटो भेजकर बताएगा कि नाजायज बिल्डिंग कहां है? तनख्वाह तो इंस्पेक्टर लेता है, काम जनता करे? यह कैसा सिस्टम है?
‘ठंडे बस्ते’ का डर
जसपाल बांगर के लोगों का कहना है कि पहले भी कई बिल्डिंगों पर शिकायत हुई, पर ‘कागज चेक’ के नाम पर फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब देखना होगा कि इस बिल्डिंग पर कार्रवाई होती है या दूसरी बिल्डिंगों की तरह इसे भी दबा दिया जाएगा। आने वाला वक्त ही बताएगा।
