लुधियाना नगर निगम में अवैध निर्माण का आरोप, दस्तावेज मांगने पर नहीं मिला जवाब
Views: 161
शिकायतकर्ता बोला—‘हमारी सुनवाई नहीं, रसूखदारों को राहत’
लुधियाना / 17 जून / विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर चर्चा में है। एक शिकायत मिलने के बाद क्षेत्र का दौरा करने पर निर्माणाधीन इमारत को लेकर कई सवाल सामने आए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित निर्माण कार्य बिना स्वीकृत नक्शे के किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
मौके पर क्या मिला ?
निर्माण स्थल पर मौजूद व्यक्ति से जब निर्माण संबंधी अनुमति और स्वीकृत नक्शे के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि “इंस्पेक्टर साहब से बात हो चुकी है।” हालांकि नक्शा पास होने संबंधी कोई दस्तावेज मौके पर नहीं दिखाया गया। दस्तावेज मांगने पर भी कोई प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई।
नियम और वास्तविकता के बीच अंतर
नगर निगम के नियमों के अनुसार किसी भी आवासीय या व्यावसायिक भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के बिना नहीं किया जा सकता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि निर्माण कार्य जारी है तो क्या आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई है या नहीं? यदि नहीं, तो संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई?
शिकायतकर्ता ने लगाए भेदभाव के आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि कुछ समय पहले क्षेत्र में कुछ दुकानों पर कार्रवाई की गई थी, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। उनका आरोप है कि सामान्य लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होती है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामलों में निर्माण कार्य जारी रहता है।
उन्होंने कहा, “जब तक शिकायत विभाग तक पहुंचती है, तब तक इमारत की कई मंजिलें तैयार हो जाती हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती। इससे लोगों के मन में सवाल पैदा होना स्वाभाविक है।”
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू होने के शुरुआती चरण में निगरानी नहीं की जाती। उनका कहना है कि यदि समय रहते निरीक्षण किया जाए तो अवैध निर्माण को रोका जा सकता है।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, चाहे संबंधित व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
नए कमिश्नर से उम्मीद
नगर निगम में हाल ही में नियुक्त नए कमिश्नर से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। नागरिकों का मानना है कि यदि निर्माण संबंधी शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए और नियमों को सख्ती से लागू किया जाए तो अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
Jeet Samachar Daily Hindi Newspaper Ludhiana – RNI PUNHIN/2013/60106. Read today’s e-paper online at zeetsamachar.com”
