लुधियाना में ‘जंगलराज’: ग्रैंड वॉक मॉल के बाहर अंधाधुंध फायरिंग, सो रही कमिश्नरेट पुलिस!
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लुधियाना में ‘जंगलराज’: ग्रैंड वॉक मॉल के बाहर अंधाधुंध फायरिंग, सो रही कमिश्नरेट पुलिस!
विधायक के रसूखदार भतीजे पर गोलीबारी के आरोप; कमिश्नर स्वपन शर्मा के सुरक्षा दावों की खुली पोल, दहशत में जनता
विशेष प्रतिनिधि, जीत समाचार
लुधियाना: लुधियाना का सबसे पॉश इलाका फिरोजपुर रोड स्थित ग्रैंड वॉक मॉल शुक्रवार शाम गोलियों की गड़गड़ाहट से थर्रा उठा। ट्रैफिक लाइट पर मामूली बहस के बाद फॉर्च्यूनर सवार बदमाशों ने स्कॉर्पियो गाड़ी पर ताबड़तोड़ 4 से 5 राउंड फायरिंग कर दी। इस खूनी वारदात में दो युवक—आरियन घुम्मन और आर्यन—गंभीर रूप से घायल हो गए। आर्यन घुम्मन की कमर में गोली लगी है और दोनों इस समय डीएमसी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि सरेआम हुई इस वारदात के बाद भी लुधियाना पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। घायलों के परिजनों ने साफ आरोप लगाया है कि मुख्य हमलावरों में एक मौजूदा विधायक का भतीजा चन्न ग्रेवाल (चन्नी ग्रेवाल) और उसके साथी गोरा लहरिया शामिल हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है। पीड़ित परिवार का साफ कहना है कि ‘पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है’।
पुलिस कमिश्नर से ‘जीत समाचार’ के सीधे सवाल:
• कमिश्नर साहब, लुधियाना में कानून का राज या मवालियों का? जब शहर के सबसे व्यस्त और वीआईपी इलाके में सरेशाम गोलियां चल सकती हैं, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे समझे?
• रसूखदारों के आगे क्यों नतमस्तक है खाकी? विधायक के रिश्तेदार का नाम सामने आने के बाद भी पुलिस की ढीली कार्रवाई कमिश्नरेट के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
• पिस्तौल और फॉर्च्यूनर संस्कृति पर कब लगेगी लगाम? शहर की सड़कों पर सरेआम हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है और पुलिस सिर्फ नाकों पर चालान काटने में व्यस्त है।
पुराना विवाद और पुलिस की लापरवाही:
पीड़ितों के दोस्तों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना पुरानी रंजिश का नतीजा है। बड़ा सवाल यह उठता है कि जब इलाके में पहले से ही तनाव था, तो स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस विंग क्या कर रही थी? दक्षिण सिटी में मार्बल शोरूम और ढोलेवाल पुल के पास हुई हालिया फायरिंग जैसी घटनाएं साबित करती हैं कि कमिश्नर स्वपन शर्मा के राज में अपराधियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं।
जनता में भारी आक्रोश: वारदात के बाद से व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी डर और रोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस कमिश्नर अपराधियों और उनके राजनीतिक आकाओं पर नकेल कसने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। जीत समाचार पुलिस प्रशासन से मांग करता है कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को सुधारा जाए।
