पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुबंधित लेक्चरर्स के नियमितीकरण पर 6 महीने में निर्णय के आदेश
Views: 7
चंडीगढ़: 18 जून कमल पवार
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों अनुबंधित और अस्थायी लेक्चरर्स को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को 6 महीने के भीतर अंतिम फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।
देरी हुई तो अधिकारियों पर लगेगा ₹50 हजार जुर्माना
मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर उच्च शिक्षा निदेशक तय समय सीमा में निर्णय नहीं लेते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी को प्रत्येक याचिकाकर्ता को 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। कोर्ट ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए समय पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कंप्यूटर साइंस, कॉमर्स और मैनेजमेंट सहित कई विषयों के शिक्षक शामिल
इस फैसले का लाभ उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत विभिन्न विषयों के हजारों अस्थायी लेक्चरर्स को मिल सकता है। इनमें मुख्य रूप से कंप्यूटर साइंस, कॉमर्स, मैनेजमेंट और अन्य विषयों के अनुबंधित शिक्षक शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर होगा फैसला
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ता 4 सप्ताह के भीतर अपना पक्ष विभाग के सामने रखेंगे। इसके बाद विभाग Supreme Court of India के 16 अप्रैल 2026 के फैसले और लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए कारण सहित आदेश जारी करेगा।
हाई कोर्ट ने सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा मामला
हरियाणा में लंबे समय से अनुबंधित और अस्थायी कर्मचारी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। हाई कोर्ट द्वारा समय सीमा तय किए जाने और अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने को लेक्चरर्स के भविष्य के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
