नगर निगम लुधियाना के जोन-सी चालान के बाद भी निर्माण जारी!” | ब्लॉक-15 में किसकी मेहरबानी ?
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कमर्शियल निर्माण पर नियमों के पालन को लेकर सवाल | अब निगाहें निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर
लुधियाना, 2 अगस्त 2026 (विक्की कुमार)
जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच में आखिर चल क्या रहा है? ‘जीत समाचार’ एक बार फिर ऐसी तस्वीरें और तथ्य सामने ला रहा है, जिन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जोन-सी ब्लॉक-15 में बन रही कमर्शियल बिल्डिंग अब सिर्फ एक निर्माण नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली की परीक्षा बन गई है।
जोन-सी ब्लॉक-15 की कमर्शियल बिल्डिंग बनी चर्चा का विषय
शिकायतकर्ता के अनुसार, जोन-सी ब्लॉक-15 स्थित इस कमर्शियल भवन के संबंध में शिकायतें की जा रही हैं। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को निर्माण की जानकारी होने के बावजूद अब तक केवल चालान की कार्रवाई की गई, जबकि निर्माण कार्य नहीं रुका।
एमटीपी से संपर्क नहीं हो सका
मामले पर नगर निगम के एमटीपी विजय कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।
उठ रहे हैं कई अहम सवाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कई प्रश्न उठाए जा रहे हैं—
1 क्या संबंधित कमर्शियल भवन का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध है ?
2 क्या आवश्यक कंपाउंडिंग फीस एवं अन्य निर्धारित शुल्क जमा कराए गए हैं ?
3 यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध था, तो इसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया ?
4 चालान के बाद भी निर्माण जारी रहने की जिम्मेदारी किसकी है ?
5 क्या इस मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी ?
बिल्डिंग कर्मचारी जोन-सी का रटा-रटाया बहाना
जब जोन-सी बिल्डिंग कर्मचारी से इस बिल्डिंग के बारे में बात हुई तो उनका जवाब वही था:बिल्डिंग का चालान काट दिया गया है”जब पूछा गया – “क्या यही एक बहाना है? सरकार के रेवेन्यू का घाटा कैसे पूरा होगा?”
और पूछा – “क्या ये बिल्डिंग भी पहले वाली की तरह बनकर तैयार हो जाएगी?”तो कोई जवाब नहीं।
पहले भी जांच का दिया जा चुका है आश्वासन
इससे पहले बिल्डिंग शाखा के एक पीसीएस अधिकारी ने कहा था कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा था कि यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं पाया गया या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
अब सबकी निगाहें कमिश्नर पर
पहले वाली बिल्डिंगों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, ना ही पता चला क्या हुआ।अब देखना होगा नगर निगम कमिश्नर इस पर क्या करते हैं।क्या इन अधिकारियों-कर्मचारियों की चेकिंग होगी?
या राजनीतिक सिफारिश के आगे सरकार के रेवेन्यू को फिर घाटा लगेगा? ये आने वाला वक्त बताएगा।
जीत समाचार जल्द ही इस बिल्डिंग की पूरी रिपोर्ट “भाग-1” में लाएगा। कंपाउंडिंग फीस भरी गई या नहीं, इसका खुलासा भी होगा।
