लुधियाना में जलभराव बना जानलेवा
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वार्ड-43 के गुरपाल नगर में करंट लगने से युवक की मौत, पार्षद ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
लुधियाना, 19 जुलाई | जीत समाचार
रविवार को हुई बारिश लुधियाना के वार्ड-43 के लिए जानलेवा साबित हुई। ढाबा रोड स्थित गुरपाल नगर गली नंबर-11 में जलभराव के दौरान करंट लगने से एक अज्ञात युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी रोष है और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा ?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, रविवार की बारिश के बाद गुरपाल नगर की गली में करीब 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया था। इसी दौरान एक राहगीर पानी से होकर गुजर रहा था कि अचानक उसे तेज करंट लगा और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए लकड़ी के डंडों की मदद से युवक को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। हालांकि तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
पार्षद का आरोप: 75 लाख का एस्टीमेट दूसरे वार्ड में किया गया शिफ्ट
वार्ड-43 की कांग्रेसी पार्षद बलजीत कौर ने जीत समाचार से बातचीत करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गुरपाल नगर की सड़क लंबे समय से टूटी हुई है और पिछले वर्ष इस सड़क के निर्माण के लिए लगभग 75 लाख रुपये का एस्टीमेट पास किया गया था।
पार्षद के अनुसार, बाद में इस राशि का उपयोग दूसरे वार्ड में सड़क निर्माण के लिए कर लिया गया।
उन्होंने कहा,
“यदि समय रहते सड़क का निर्माण कर दिया जाता तो आज यह हादसा नहीं होता और एक युवक की जान बच सकती थी।”
बलजीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 35 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी पार्षद के क्षेत्र का विकास कार्य बिना उसकी सहमति के दूसरे इलाके में स्थानांतरित कर दिया गया।
जलभराव की बड़ी वजह
पार्षद के मुताबिक गुरपाल नगर में केवल स्थानीय क्षेत्र का पानी ही नहीं, बल्कि आसपास की फैक्ट्रियों का पानी भी आकर जमा हो जाता है। टूटी सड़कों, बंद जालियों और गहरे गड्ढों के कारण जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहती है, जिससे हर बारिश में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को शिकायतें देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
जीत समाचार की बात
लुधियाना में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या सामने आती है, लेकिन इस बार प्रशासनिक लापरवाही एक युवक की जान लेकर बैठी है। बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण के लिए 75 लाख रुपये का एस्टीमेट पहले ही पास हो चुका था, तो काम समय पर क्यों नहीं किया गया?
अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा प्रश्न जवाबदेही का है। आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है?
जीत समाचार प्रशासन से मांग करता है कि मृतक की पहचान कर उसके परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए तथा गुरपाल नगर की सड़क और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
