PUNJAB NEWS
एक्सटेंशन पर रोक के बावजूद कुर्सी नहीं छोड़ रहे अधिकारी!
लुधियाना नगर निगम में सेवानिवृत्ति के बाद भी जिम्मेदारी संभालने वालों पर उठे सवाल
लुधियाना | जीत समाचार
सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु पूरी होने के बाद भी अधिकारियों के पद पर बने रहने को लेकर लुधियाना नगर निगम में सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवा-विस्तार पर रोक या निर्धारित नियम लागू हैं, तो सेवानिवृत्ति के बाद किन अधिकारियों को किस आदेश के तहत जिम्मेदारी दी जा रही है?
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में नगर निगम से जुड़े सेवा-विस्तार और सेवानिवृत्ति के मामलों का रिकॉर्ड न्यायिक कार्यवाही में भी सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक मई 2026 के फैसले में लुधियाना नगर निगम के कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूर्व में दी गई सेवा-विस्तार की अवधि का उल्लेख किया गया है।
अब सवाल यह है कि वर्तमान समय में नगर निगम में कौन-कौन से अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उनके पास ऐसा करने के लिए कौन-सा वैध आदेश है?
राजनीतिक पहुंच या नियमों के तहत व्यवस्था?
कुछ मामलों में राजनीतिक प्रभाव के आरोप भी चर्चा में हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में दस्तावेजी जांच बेहद जरूरी है।
नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि:
किस अधिकारी की सेवानिवृत्ति कब हुई?
किसे सेवा-विस्तार मिला?
आदेश किस सक्षम अधिकारी ने जारी किया?
सेवा-विस्तार कितनी अवधि के लिए है?
और क्या संबंधित विभाग की मंजूरी ली गई है?
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि नगर निगम में कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा जारी रखने से संबंधित नियमों को लेकर हाल में भी विवाद सामने आया है। सितंबर 2026 में 954 सफाई कर्मचारियों की सेवाओं के नवीनीकरण को लेकर भी सरकारी नीति और पूर्व मंजूरियों की जांच की मांग उठी है।
अब सामने आएगा सेवानिवृत्ति के बाद कुर्सी का पूरा हिसाब
जीत समाचार इस मामले में उपलब्ध सरकारी आदेशों और दस्तावेजों की पड़ताल करेगा और यह सामने लाने का प्रयास करेगा कि सेवानिवृत्ति के बाद कौन अधिकारी किस व्यवस्था के तहत जिम्मेदारी संभाल रहा है।
सवाल सीधा है—
सेवानिवृत्ति पूरी या कुर्सी अभी बाकी?
जीत समाचार की पड़ताल जारी है।
