भ्रष्टाचार सिर्फ जोन-सी में नहीं? | जोन-ए बिल्डिंग ब्रांच में भी ‘गोलमाल’ के आरोप
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ए.टी.पी जोन-ए को ही नहीं पता कहां बन रही बिल्डिंग? | फोटो भेजने के बाद भी जवाब नहीं, फोन उठाने से भी परहेज
लुधियाना, 18 अगस्त( विक्की कुमार)
अब तक ‘जीत समाचार’ लगातार जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच में कथित अनियमितताओं और अवैध निर्माणों के मामलों को उठाता रहा है। लेकिन अब जोन--ए बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि जोन-A में बन रही एक कमर्शियल बिल्डिंग की जानकारी लेने पर संबंधित ए.टी.पी जोन-ए स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
“फोटो व्हाट्सएप कर दो…”
‘जीत समाचार’ को जानकारी मिली कि जोन-ए क्षेत्र में कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है। इस संबंध में ए.टी.पी जोन-ए से पूछा गया कि—क्या बिल्डिंग का नक्शा पास है? क्या निर्माण नियमानुसार हो रहा है?क्या कोई कंपाउंडिंग फीस या अन्य निर्धारित शुल्क जमा हुआ है?इस पर कथित तौर पर ATP ने कहा—“आप व्हाट्सएप पर फोटो भेज दो, फिर बताते हैं।”इस जवाब के बाद बड़ा सवाल खड़ा हो गया कि क्या संबंधित अधिकारी को अपने जोन में चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित जानकारी नहीं है?
फोटो भेजी, सबूत भी मौजूद—लेकिन जवाब नहीं
‘जीत समाचार’ के अनुसार संबंधित बिल्डिंग की फोटो ए.टी.पी जोन-ए को व्हाट्सएप पर भेज दी गई और इसका स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखा गया है। इसके बावजूद निर्माण की वैधता, नक्शे और अन्य मंजूरियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
शाम को फोन, सुबह भी फोन—जवाब फिर भी नहीं?
बिल्डिंग के संबंध में जानकारी लेने के लिए शाम को फोन किया गया, लेकिन कथित तौर पर कॉल का जवाब नहीं मिला। अगले दिन सुबह दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन फिर भी नहीं उठाया गया।अब सवाल यह है कि यदि निर्माण पूरी तरह नियमों के अनुसार हो रहा है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने में परेशानी क्या है?
सबसे बड़ा सवाल—“अधिकारी अनजान या कुछ और मामला ?”
क्या ए.टी.पी जोन-ए को अपने जोन में बन रही कमर्शियल बिल्डिंगों की जानकारी नहीं है?
1 क्या हर निर्माण की जांच नियमित रूप से की जाती है?
2 फोटो मिलने के बाद भी जवाब क्यों नहीं दिया गया?
3 फोन उठाकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई?
4 यदि कोई अनियमितता है, तो कार्रवाई कब होगी?
जोन-सी और जोन-सी—दोनों की जांच की मांग
लोगों की मांग है कि जोन-ए और जोन-सी में चल रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाई जाए। यह भी जांच हो कि कौन-कौन सी बिल्डिंगें स्वीकृत नक्शों के अनुसार बन रही हैं और किन मामलों में नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई हैं।जीत समाचार की मांग है कि संबंधित निर्माण की जांच कर नगर निगम प्रशासन वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे। आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब निगाहें कमिश्नर पर
नगर निगम के नए कमिश्नर को कार्यभार संभाले लगभग एक महीना हुआ है। अब देखना यह होगा कि जोन-ए और जोन-सी बिल्डिंग ब्रांच को लेकर उठ रहे इन सवालों और शिकायतों पर नगर निगम प्रशासन क्या कदम उठाता है।
क्या जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी, या फिर सवालों के जवाब फोन की घंटियों की तरह बजते रह जाएंगे?

