निर्वाणा क्लब में ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग! 7 राउंड के बाद मचा हड़कंप, मौके से मिले 7 खाली खोल
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दो समारोह चल रहे थे, फिर भी लाइसेंसी पिस्टल अंदर कैसे पहुंची? क्लब की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
लुधियाना, 23 अगस्त (विक्रम सैनी)
हंबड़ा रोड स्थित निर्वाणा क्लब में देर रात कथित हवाई फायरिंग की घटना ने शहर के समारोह स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, एक कार्यक्रम के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से कथित तौर पर सात राउंड फायर किए गए। पुलिस ने मौके से सात खाली कारतूस के खोल बरामद किए हैं।
दो समारोह, फिर भी हथियार अंदर कैसे पहुंचा?
घटना के समय क्लब में दो अलग-अलग समारोह आयोजित होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल क्लब की प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है।अगर प्रवेश द्वार पर हथियारों की जांच की व्यवस्था थी, तो लाइसेंसी पिस्टल अंदर कैसे पहुंची और कथित तौर पर फायरिंग तक कैसे हुई? पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस समारोह में शामिल था और फायरिंग किस कार्यक्रम के दौरान हुई।
पुलिस को गश्त के दौरान मिली सूचना
जानकारी के मुताबिक 21 और 22 अगस्त की मध्यरात्रि थाना पीएयू पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अशोक नगर निवासी प्रणव खोसला ने निर्वाणा क्लब में आयोजित एक समारोह के दौरान अपनी लाइसेंसी पिस्टल से कथित तौर पर हवाई फायर किए।पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान सात चले हुए कारतूस के खोल बरामद किए।
अगर गोली किसी को लग जाती तो?
हवाई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद होने की स्थिति में इस तरह की फायरिंग गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।अब सवाल यह है कि लाइसेंसी हथियार लेकर समारोह स्थल में प्रवेश करने वाले व्यक्ति की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी?
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस द्वारा क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही दोनों समारोहों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि फायरिंग की पूरी घटना और आरोपी की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सके।
क्लबों और मैरिज पैलेसों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद शहर के मैरिज पैलेसों, क्लबों और बैंक्वेट हॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या इन स्थानों पर प्रवेश के समय हथियारों की प्रभावी जांच होती है? क्या निजी सुरक्षा कर्मचारियों को लाइसेंसी हथियारों की जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं?अगर समारोह स्थल के भीतर सात राउंड फायर हो जाते हैं और पुलिस को बाद में सात खाली खोल बरामद करने पड़ते हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
थाना पीएयू पुलिस ने प्रणव खोसला के खिलाफ धारा 125 बीएनएस और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।अब देखना होगा कि जांच केवल कथित रूप से फायरिंग करने वाले व्यक्ति तक सीमित रहती है या क्लब की सुरक्षा व्यवस्था और कथित लापरवाही की भी जांच होती है।
सबसे बड़ा सवाल—समारोह स्थलों में सुरक्षा नियम आखिर कितने प्रभावी हैं, और प्रशासन किसी बड़े हादसे से पहले इनकी जांच कब करेगा?
