जोन-सी में शिकायतें पेंडिंग, निर्माण बढ़ता गया! डेढ़ महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, एमटीपी और पीसीएस अधिकारी पर उठे सवाल
Views: 10
लुधियाना, 26 अगस्त (अरुण कुमार)
नगर निगम लुधियाना के जोन-C बिल्डिंग ब्रांच में शिकायतों के लंबित रहने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। । जीत समाचार द्वारा इस निर्माण को लेकर लगातार सवाल उठाए जाने के बीच अब शिकायतकर्ता ने नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने करीब डेढ़ महीने पहले नगर निगम में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उसका आरोप है कि जिस समय शिकायत दी गई थी, उस समय निर्माण काफी कम था, जबकि अब बिल्डिंग का आकार लगभग दोगुना हो चुका है।
समय पर कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी मार्केट नहीं बनती
शिकायतकर्ता के अनुसार,डेढ़ महीने से ज्यादा समय हो गया शिकायत दिए हुए। उस समय बिल्डिंग छोटी थी और अब यह काफी बड़ी हो गई है। अगर उसी समय कार्रवाई होती तो आज इतना निर्माण नहीं होता।
एमटीपी और पीसीएस अधिकारी की भूमिका पर सवाल
मामले में अब नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के एमटीपी और संबंधित पीसीएसअधिकारी की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता पूछ रहा है कि शिकायत मिलने के बाद मौके की जांच, नक्शे की जांच और निर्माण की वैधता को लेकर समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।हालांकि, बिना आधिकारिक जांच के किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप साबित नहीं माना जा सकता। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
नक्शा, पार्किंग और निर्माण की वैधता बने मुख्य सवाल
सराफा बाजार की इस बिल्डिंग को लेकर अब मुख्य सवाल हैं—
1 क्या निर्माण का नक्शा नगर निगम से स्वीकृत है?
2 क्या मौके पर निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार हो रहा है?
3 क्या आवश्यक सरकारी फीस जमा करवाई गई है?
4 इतनी बड़ी मार्केट के लिए पार्किंग की व्यवस्था क्या है?
5 डेढ़ महीने पुरानी शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई?
अब कमिश्नर के बाद CM और विजिलेंस तक जाएगी शिकायत?
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अब मामले को नगर निगम कमिश्नर के समक्ष उठाएगा। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और विजिलेंस विभाग तक पहुंचाने की बात भी कही गई है।
अब निगाहें नगर निगम की जांच पर हैं। यदि निर्माण नियमों के अनुरूप है तो निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
