जीत समाचार | EXCLUSIVE: पर्दा उठ गया तो… अब नया फॉर्मूला फेल!
Views: 21
पहले नई-नई ईंटें, फिर निगम की सील, रात में सील खुली और अब बिल्डिंग को पुराना दिखाने की तैयारी?
लुधियाना | 3 सितंबर 2026 विक्की कुमार
नगर निगम जोन-A में जिस बिल्डिंग का मामला जीत समाचार ने प्रमुखता से उठाया था, उस पर कार्रवाई हुई और ATP जोन-A की ओर से सील भी लगाई गई। लेकिन इसके बाद मामला और दिलचस्प हो गया—सील खुली मिली और अब मौके पर बिल्डिंग को प्लास्टर-पेंट कराने की तैयारी दिखाई दे रही है।अब सवाल उठ रहा है कि क्या नई बिल्डिंग को प्लास्टर और पेंट के जरिए पुराना दिखाने की कोशिश की जा रही है? अगर ऐसा है तो यह जांच का विषय है कि काम किसके निर्देश पर हो रहा है और सील खुलने के बाद निर्माण गतिविधि कैसे आगे बढ़ी।
पर्दे में रहने दो… पर्दा उठ गया तो राज खुल जाएगा!’
जीत समाचार के पास इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरों की क्रमवार कड़ी मौजूद है—नई ईंटों वाली बिल्डिंग → लगी हुई सील → खुली हुई सील → अब प्लास्टर का काम। यानी तस्वीरें खुद सवाल पूछ रही हैं।
इंस्पेक्टर साहब, चाय के साथ इसका जवाब भी मिलेगा?
सील खुलने के बारे में पूछे जाने पर पत्रकार को “दफ्तर आइए, बताएंगे” कहे जाने की बात सामने आई थी। अब नया सवाल प्लास्टर को लेकर है—
अगर बिल्डिंग पुरानी है तो पुरानी होने का रिकॉर्ड दिखाइए, और अगर निर्माण नया है तो प्लास्टर-पेंट से कहानी बदलने की कोशिश क्यों?
अब निगाहें कमिश्नर साहब पर
कमिश्नर की ओर से पहले ही सील खोलने का आदेश न देने की बात कही गई थी और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। अब देखना यह है कि सील खुलने और उसके बाद कथित निर्माण गतिविधि की जांच कब होती है और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
जीत समाचार का सीधा सवाल
ईंटें नई, सील नई, अब प्लास्टर नया—तो बिल्डिंग पुरानी कैसे हो जाएगी?
प्लास्टर का फॉर्मूला चलेगा या कमिश्नर की जांच? आने वाला वक्त बताएगा।
रिपोर्ट में उठाए गए आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है। संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
