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ITI रोड की बिल्डिंग की जांच उसी ATP के पास, जिसके कार्यकाल में हुआ निर्माण! अब कैसे मिलेगा इंसाफ?

खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया नगर निगम, PCS अधिकारी ने हेडक्वार्टर से जांच करवाने की बात कही

लुधियाना | 28 अक्टूबर 2026 कुमार/विक्की

नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में ITI रोड स्थित एक बिल्डिंग को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जीत समाचार में मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद उच्च अधिकारियों की हलचल तेज हुई और PCS अधिकारी ने संबंधित फाइल हेडक्वार्टर मंगवाकर जांच करवाने की बात कही। लेकिन अब इस पूरे मामले में एक नया सवाल खड़ा हो गया है—जिस समय बिल्डिंग का निर्माण हो रहा था, उस दौरान संबंधित जोन में तैनात रहे ATP को ही जांच की जिम्मेदारी सौंपने से निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित होगी?लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस ATP के कार्यकाल में कथित तौर पर इस बिल्डिंग का निर्माण हुआ, जांच की जिम्मेदारी उसी अधिकारी को सौंपे जाने पर निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित होगी?

बिल्डिंग बनने के बाद जागे अधिकारी, अब रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी!

मामले में सबसे बड़ा सवाल बिल्डिंग के स्वीकृत नक्शे, कंपाउंडिंग फीस और निर्माण नियमों के पालन को लेकर है। क्या बिल्डिंग का नक्शा नियमानुसार मंजूर हुआ था? क्या निगम के खजाने में पूरी कंपाउंडिंग फीस जमा करवाई गई? क्या निर्माण के दौरान बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया था? यदि किया था, तो उस समय क्या कार्रवाई हुई? इन सवालों के जवाब संबंधित रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट से ही सामने आ सकते हैं।

जिस कार्यकाल में निर्माण हुआ, उसी दौर के अधिकारी की जांच पर सवाल!

अब सवाल सिर्फ बिल्डिंग की वैधता का नहीं, बल्कि जांच की निष्पक्षता का भी है। यदि संबंधित ATP उसी समय उस जोन में तैनात थे, जब बिल्डिंग का निर्माण हो रहा था, तो क्या जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी से नहीं करवाई जानी चाहिए? क्या निर्माण से संबंधित पुरानी फाइलें, निरीक्षण रिपोर्ट, चालान, नक्शे और फीस जमा होने का रिकॉर्ड अलग से जांचा जाएगा? आखिर यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि निर्माण के दौरान निगम की ओर से क्या कदम उठाए गए और यदि कोई नियमों का उल्लंघन हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी।

 PCS अधिकारी ने क्या कहा?

इस संबंध में बिल्डिंग ब्रांच के PCS अधिकारी से बात की गई। उन्होंने बताया कि मामला उनके ध्यान में है और जांच के लिए हेडक्वार्टर में ATP की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जीत समाचार का सीधा सवाल: क्या जांच निष्पक्ष तरीके से होगी, क्या सरकारी राजस्व का पूरा हिसाब सामने आएगा और क्या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदारी तय होगी?

अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। जीत समाचार इस मामले से जुड़े रिकॉर्ड और आगे की कार्रवाई पर नजर रखेगा।

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