ज़ोन-D की बिल्डिंग ब्रांच पर सवालों की बौछार! ब्लॉक-18 की इमारत में पार्किंग गायब, नियमों की जांच की मांग
बिल्डिंग इंस्पेक्टर की चुप्पी पर उठे सवाल, ATP ने नक्शे और फीस की जांच का दिया भरोसा; नए कमिश्नर के लिए बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली बनी चुनौती
लुधियाना, 31 अक्टूबर 2026 (ब्यूरो चीफ)
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर में इमारतों के निर्माण और बिल्डिंग बायलॉज के पालन को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब ज़ोन-D के ब्लॉक-18 की एक इमारत का मामला चर्चा में है। आरोप है कि इस इमारत के निर्माण के दौरान पार्किंग के लिए उचित जगह नहीं छोड़ी गई। इसके साथ ही इमारत के नक्शे और निर्धारित फीस को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित इमारत का नक्शा नगर निगम से नियमानुसार पास करवाया गया है? क्या निर्माण के लिए जरूरी फीस जमा करवाई गई है? और क्या बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक पार्किंग की व्यवस्था की गई है? इन सभी सवालों का जवाब नगर निगम के रिकॉर्ड और मौके की आधिकारिक जांच से ही सामने आ सकता है।
बिल्डिंग इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल, फोन उठाने से क्यों बच रहे कर्मचारी?
इस मामले में संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि जब किसी निर्माणाधीन इमारत की फोटो या निर्माण से संबंधित जानकारी को लेकर उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया जाता है, तो फोन का जवाब नहीं मिलता।
ऐसे में सवाल उठता है कि बिल्डिंग ब्रांच के जिम्मेदार कर्मचारी मीडिया के सवालों का जवाब देने से क्यों बचते हैं? क्या उन्हें मौके पर हो रहे निर्माण की जानकारी नहीं है, या फिर विभागीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही कोई जवाब देना चाहते हैं? सरकारी विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल कार्यालय में बैठने तक सीमित नहीं हो सकती। निर्माण कार्यों की निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है।
ATP ने कहा—मामला चेक करवाकर देंगे जानकारी
ब्लॉक-18 की इस इमारत को लेकर जब संबंधित ATP से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि वह मामले को चेक करवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इमारत का नक्शा पास है या नहीं, निर्धारित फीस जमा हुई है या नहीं और निर्माण नियमानुसार हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी जांच के बाद दी जाएगी।
वहीं, नगर निगम के PCS अधिकारी के ध्यान में भी यह मामला लाया गया। अधिकारी ने कहा कि इमारत के नक्शे और निर्माण की स्थिति की जांच करवाई जाएगी। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नए कमिश्नर के सामने बिल्डिंग ब्रांच की बड़ी चुनौती
नगर निगम में नए कमिश्नर के आने के बाद बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर शहरवासियों और मीडिया की निगाहें टिकी हुई हैं। शहर में लगातार बढ़ती पार्किंग समस्या के बीच यदि व्यावसायिक इमारतों में निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जाती, तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है। सड़कों पर वाहनों की पार्किंग से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
ऐसे में प्रशासन के सामने यह बड़ी चुनौती है कि वह केवल शिकायतों पर जवाब देने तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर निरीक्षण करवाकर निर्माण की वास्तविक स्थिति का पता लगाए। यह भी जांच होनी चाहिए कि संबंधित इमारत का नक्शा किस आधार पर मंजूर किया गया और क्या निर्माण के दौरान सभी शर्तों का पालन किया गया है।
सरकारी राजस्व और नियमों के पालन का भी उठेगा मुद्दा
जीत समाचार की ओर से नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े मामलों को लगातार प्रमुखता से उठाया जाता रहा है। पहले भी कुछ निर्माणों को लेकर सरकारी राजस्व को संभावित नुकसान और नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। ब्लॉक-18 के इस मामले में भी नक्शे, फीस और पार्किंग से जुड़े रिकॉर्ड की जांच जरूरी है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय करना नगर निगम प्रशासन का काम होगा।
अब कमिश्नर की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
ब्लॉक-18 की इमारत को लेकर अब कुछ अहम सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं—क्या नक्शा पास है? क्या निर्धारित फीस जमा हुई है? क्या पार्किंग की जगह नियमानुसार छोड़ी गई है? क्या संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने मौके का निरीक्षण किया था? और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अब देखना यह होगा कि नगर निगम के नए कमिश्नर इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय होती है या नहीं।
जीत समाचार इस मामले पर अपनी नजर बनाए रखेगा। जांच, विभागीय रिकॉर्ड और नगर निगम प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद पाठकों तक अगली जानकारी भी पहुंचाई जाएगी।

