कॉर्पोरेट के लिए मुनाफा, जनता के लिए दर्द: पवन दीवान ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल कटौती की मांग की
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रिकॉर्ड तेल मुनाफों के बावजूद लगातार ईंधन महंगा करने की कांग्रेस ने की निंदा
लुधियाना, 26 मई: यादविंदर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बार-बार की जा रही बढ़ोतरी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना (शहरी) के पूर्व अध्यक्ष तथा पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने कहा है कि मात्र 10 दिनों के भीतर लगातार चार बार कीमतें बढ़ाकर प्रति लीटर लगभग 7.5 रुपये की कुल वृद्धि कर दी गई है, जिससे देशभर के लोग हैरान और परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारण परिवारों के लिए अपने घरेलू खर्चों का प्रबंधन करना और भी कठिन हो गया है।
यहां जारी एक तीखे बयान में, दीवान ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि जब सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) भारी मुनाफा कमा रही हैं, उसी समय ईंधन की कीमतों में लगातार और कम अंतराल पर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ओएमसी ने कुल 77,280.65 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 130 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी का बोझ डाला जा रहा है। दीवान ने कहा कि इतने बड़े मुनाफे के मद्देनजर सरकार की मूल्य निर्धारण नीति का बचाव करना असंभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि हर कुछ दिनों बाद की जा रही अनुचित मूल्य वृद्धि से आम परिवारों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
मोदी सरकार पर जनकल्याण की बजाय कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए, दीवान ने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब कच्चे तेल के दाम घटते हैं तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी कम होनी चाहिए, लेकिन इस सरकार के कार्यकाल में स्थिति बिल्कुल उलट है। दीवान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की छिपी मूल्य निर्धारण प्रणाली तेल कंपनियों के हितों की रक्षा का माध्यम बन गई है, जबकि आम नागरिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
पारदर्शी मूल्य निर्धारण और जवाबदेही की मांग करते हुए, दीवान ने सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल कटौती करने की मांग की, ताकि परिवारों, दैनिक यात्रियों और छोटे व्यवसायों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि राहत में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। जनता शोषण नहीं, बल्कि न्याय की हकदार है।
