नगर निगम जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच फिर विवादों में, एटीपी पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने के आरोप:शिकायतकर्ता
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लुधियाना: 31 मई 2026 विक्की कुमार
नगर निगम जोन-सी की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। हाल ही में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच अब एक नए मामले ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।शिकायतकर्ता ने संबंधित ए टी पी पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने, भ्रामक जानकारी देने और निगम कमिश्नर के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं।
निर्माण कार्य को लेकर उठे सवाल
शिकायतकर्ता यादविंदर के अनुसार ज्ञान ढाबा के समीप एक बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है। उनका आरोप है कि निर्माण बिना आवश्यक मंजूरी और नियमों की पूर्ण पालना केकिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में कईबार नगर निगम अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन निर्माण कार्य रुकने के बजाय लगातार आगे बढ़ता रहा।
ए टी पी के दावों और जमीनी हकीकत में अंतर?
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने संबंधित एटीपी से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है और भवन मालिक को आवश्यक नोटिस जारी किया जा चुका है। लेकिनमौके पर जाकर देखने पर निर्माण कार्य चलता हुआ मिला।उनका आरोप है कि यदि विभाग की ओर से कार्रवाई की गई थी तो फिर निर्माण कार्य कैसे जारी रहा। इस सवाल ने विभागीय निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

फोटो और सबूत भेजने का दावा
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उन्होंने निर्माण कार्य जारी रहने की तस्वीरें और अन्य जानकारी संबंधित अधिकारी को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी थी। इसके बावजूद कथित रूप से कोई ठोस कार्रवाई नहीं कीगई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो निर्माण कार्य को नियमों के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता था।
पत्रकारों से दूरी बनाने के आरोप
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े विवाद सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। कई पत्रकारों ने आरोप लगाया कि उनके फोनकॉल और संदेशों का जवाब नहीं दिया गया। हालांकि इस संबंध में अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि कुछ समय पहले नगर निगम कमिश्नर द्वारा जोन-सी से जुड़े दो बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए चार्जशीट जारी की गई थी। इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही थी किअवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदमउठाए जाएंगे। लेकिन नए आरोपों ने फिर से विभाग की कार्यप्रणाली को चर्चा में ला दिया है।
कमिश्नर के आदेशों की पालना पर सवाल
नगर निगम प्रशासन की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि बिना स्वीकृत नक्शे के कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। शिकायतकर्ता काआरोप है कि कुछ अधिकारी नियमों को लागू करने के बजाय कथित रूप से निर्माणकर्ताओं को राहत देने का प्रयास कर रहे हैं।
जांच की मांग तेज
शिकायतकर्ता ने कहा है कि पूरे मामले की शिकायत नगर निगम कमिश्नर को दी जाएगी और निर्माण की वैधता, अधिकारियों की भूमिका तथा विभागीय कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही यामिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों पर नगर निगम प्रशासन या संबंधित एटीपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि निगम प्रशासन शिकायत की जांच कैसे करता है और क्या इस मामले में किसीप्रकार की विभागीय कार्रवाई की जाती है।
