जोन-B के प्रॉपर्टी टैक्स इंस्पेक्टर शुभम पर रिश्वत मांगने का आरोप, ₹25,000 लेते रंगे हाथों पकड़े जाने का दावा
पुश्तैनी प्रॉपर्टी ट्रांसफर करवाने के बदले मांगी गई थी रकम; विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना रेंज की कार्रवाई से निगम में हलचल
लुधियाना, 28 अक्टूबर (जीत समाचार)
लुधियाना नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने कार्रवाई की है। विजिलेंस ब्यूरो के उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार, नगर निगम के जोन-B में तैनात इंस्पेक्टर शुभम के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में ट्रैप कार्रवाई की गई। दस्तावेज में आरोपी को ₹25,000 की रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने का उल्लेख है।
पुश्तैनी प्रॉपर्टी ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
दस्तावेज के मुताबिक, शिकायतकर्ता राजिंदर पाल सिंह ने आरोप लगाया कि अपनी पुश्तैनी संपत्ति को अपने और अपने भाइयों के नाम ट्रांसफर करवाने के लिए नगर निगम के इंस्पेक्टर शुभम ने उनसे ₹25,000 की मांग की थी।
शिकायत में आरोप है कि इस रकम में से ₹15,000 की रसीद देने और बाकी ₹10,000 रिश्वत के रूप में लेने की बात कही गई थी। शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वतखोरी के संबंध में विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
विजिलेंस ने बिछाया ट्रैप
दस्तावेज के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो, लुधियाना रेंज ने शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की। इसमें इंस्पेक्टर शुभम को ₹25,000 की रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने का उल्लेख है।
यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज किए जाने का उल्लेख करता है। दस्तावेज में केस नंबर 22 और तारीख 28 अक्टूबर 2026 दर्ज है।
नगर निगम के कामकाज पर फिर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में सरकारी काम करवाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामलों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। संपत्ति ट्रांसफर जैसी सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित फीस की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखना होगा कि विजिलेंस जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।
नोट: यह समाचार उपलब्ध विजिलेंस दस्तावेज के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

