जीत समाचार | लुधियाना | 12 सितंबर 2026 | बड़ी खबर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में हलचल तेज—ज़ोन ए से ज़ोन सी तक इंस्पेक्टरों की भूमिका पर सवाल!
सूत्रों का दावा: आज-कल में आ सकती है तबादला सूची; क्या ट्रांसफर से पहले होगी कथित अवैध बिल्डिंगों की जांच?
लुधियाना | 12 सितंबर 2026 विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच इन दिनों लगातार चर्चाओं में है। ज़ोन ए से लेकर ज़ोन सी तक कई निर्माणों को लेकर शिकायतें और सवाल सामने आने के बाद अब संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टरों की कार्यप्रणाली भी चर्चा का विषय बन गई है।
आज-कल में तबादले?
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि नगर निगम में कुछ बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के तबादले जल्द किए जा सकते हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तबादला सूची सामने नहीं आई है और इस संबंध में निगम प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।अब असली सवाल यह है कि अगर तबादले होते हैं, तो क्या केवल सीट बदलने से मामला खत्म हो जाएगा?
ट्रांसफर से पहले पुराने इलाकों की बिल्डिंगों का हिसाब कौन देगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन इलाकों में संबंधित अधिकारियों की तैनाती के दौरान कथित तौर पर विवादित या नियमों के विपरीत निर्माण हुए, क्या उनका रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा?
1 क्या अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान जारी शिकायतों की फाइलें खोली जाएंगी?
2 क्या नोटिस, चालान, सीलिंग और डिमोलिशन की कार्रवाई का रिकॉर्ड देखा जाएगा?
3 और अगर कहीं विभागीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी सिर्फ तबादले तक सीमित रहेगी या कार्रवाई भी होगी?
एमटीपी ब्रांच की भूमिका भी सवालों के घेरे में
बिल्डिंगों की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर एमटीपी ब्रांच की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में यदि किसी इलाके में लगातार शिकायतें सामने आती हैं तो यह भी जांच का विषय बनता है कि फील्ड इंस्पेक्शन, शिकायतों पर कार्रवाई और आगे की मॉनिटरिंग किस स्तर पर हुई।सूत्रों द्वारा अधिकारियों को बचाने या तबादले के माध्यम से मामला ठंडा करने जैसे दावे भी किए जा रहे हैं, लेकिन जीत समाचार इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करताइसीलिए अब निगाहें नगर निगम प्रशासन पर हैं कि यदि तबादले होते हैं तो क्या उससे पहले संबंधित अधिकारियों के कार्यकाल की फाइल-वार समीक्षा और जवाबदेही तय की जाएगी।
सिर्फ कुर्सी बदलेगी या व्यवस्था भी?
अगर किसी अधिकारी का तबादला होता है तो सवाल यह रहेगा कि—
1 जिन बिल्डिंगों की शिकायतें पहले से लंबित हैं, उनका क्या होगा?
2 जिन निर्माणों पर कार्रवाई की बात कही गई थी, उनका क्या हुआ?
3 और जिन मामलों में विभागीय स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, उनमें जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
जीत समाचार की नजर लगातार बनी हुई है
नगर निगम में संभावित तबादलों को लेकर चल रही चर्चाओं पर जीत समाचार की लगातार नजर बनी हुई है। जैसे ही कोई आधिकारिक आदेश या तबादला सूची सामने आती है, उसकी जानकारी तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर पाठकों के सामने रखी जाएगी।
तबादला होगा या कार्रवाई भी?
Zone-A से Zone-C तक बिल्डिंग ब्रांच में अब बड़ा सवाल यही!**
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