गरीब रेहड़ी वालों पर डंडा, फुटपाथ पर कब्जे के मामले में निगम की गाड़ी पर चुप्पी क्यों?

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गिल नहर के पास जोन-C की कार्रवाई पर उठे सवाल; मेयर ने कहा—कानून सबके लिए एक, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने दोबारा कार्रवाई करवाने का दिया भरोसा

लुधियाना। 14 अक्टूबर 2026 (जीत समाचार)

शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को देखते हुए नगर निगम के जोन-C की तहबाजारी टीम ने आज गिल नहर के पास कार्रवाई की। सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में उठाए गए इस कदम का जीत समाचार ने स्वागत किया। लेकिन मौके पर कार्रवाई के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

जीत समाचार के कैमरे में दिखाई दिया कि नगर निगम की टीम सड़क किनारे फल फ्रूट बेचने वाले रेहड़ी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। लेकिन जब कैमरा नगर निगम की अपनी गाड़ी की तरफ घूमा, तो वहां फुटपाथ पर कब्जे को लेकर सवाल खड़े होने लगे। आरोप है कि एक तरफ गरीब रेहड़ी वालों को हटाया जा रहा था, जबकि दूसरी तरफ फुटपाथ से संबंधित दिखाई दे रहे मामले में कार्रवाई नजर नहीं आई।

सवाल सीधा है—क्या अतिक्रमण हटाने के नियम सिर्फ गरीब रेहड़ी वालों के लिए हैं? क्या सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते समय नगर निगम अलग-अलग मापदंड अपनाता है?

फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं, फिर कार्रवाई में भेदभाव क्यों?

शहर के फुटपाथ पैदल चलने वालों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं। जब इन पर कब्जा होता है, तो लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसे में सवाल उठता है कि यदि नगर निगम अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चला रहा है, तो कार्रवाई सभी संबंधित स्थानों पर समान रूप से क्यों नहीं दिखाई देती? जीत समाचार के पास मौके की तस्वीरें और वीडियो होने का दावा है, जिनके आधार पर इस मामले की जांच की मांग उठाई जा रही है।

मेयर का दोटूक जवाब—कानून सबके लिए एक

इस मामले को लेकर जब जीत समाचार ने मेयर से संपर्क किया, तो उन्होंने वीडियो भेजने को कहा। वीडियो देखने के बाद मेयर ने कहा कि सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और कानून सबके लिए एक समान है।

मेयर ने यह भी कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होते हैं और उन पर कब्जा नहीं होना चाहिए। जब उन्हें मौके की तस्वीरें भेजी गईं, तो उन्होंने मामले की जांच करवाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।

अब सवाल यह है कि मेयर के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और क्या मौके पर दिखाई दिए सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होगी?

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने भी उठाए सवाल

आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू से जब इस मामले में बात की गई, तो उन्होंने इंस्पेक्टर की कार्रवाई के तरीके को गलत बताते हुए दोबारा कार्रवाई करवाने की बात कही।

विधायक ने कहा कि सड़कों पर कब्जे बिल्कुल गलत हैं, क्योंकि इनके कारण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करवाने का भरोसा दिया।

विधायक के इस बयान के बाद अब नगर निगम की संबंधित टीम की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

सहायक क्लर्क से संपर्क की कोशिश, नहीं मिला जवाब

जीत समाचार ने इस मामले में जोन-C के तहबाजारी विभाग के सहायक क्लर्क से भी संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। व्हाट्सऐप पर संदेश देखे जाने के बावजूद उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

जीत समाचार इस मामले से संबंधित व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट भी पाठकों के सामने रख रहा है, ताकि संबंधित अधिकारी का पक्ष लेने की कोशिश और जवाब नहीं मिलने की स्थिति स्पष्ट हो सके।

हालांकि, संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। उनका जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

नए नगर निगम कमिश्नर के सामने होगी बड़ी चुनौती

लुधियाना नगर निगम में नए कमिश्नर के कार्यभार संभालने के साथ ही शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में समानता और जवाबदेही सुनिश्चित कर पाएंगे।

सवाल केवल रेहड़ी वालों को हटाने का नहीं है। सवाल यह है कि क्या फुटपाथों, सड़कों और सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा करने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी?

यदि किसी गरीब रेहड़ी वाले को हटाया जाता है, तो अन्य अतिक्रमणों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नगर निगम की कार्रवाई में किसी के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए और न ही किसी को केवल उसकी आर्थिक स्थिति या प्रभाव के कारण छूट मिलनी चाहिए।

जीत समाचार का सवाल—कानून सबके लिए बराबर, फिर कार्रवाई में यह अंतर क्यों?

गिल नहर के पास हुई कार्रवाई ने नगर निगम की तहबाजारी व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मेयर ने समान कार्रवाई की बात कही है, विधायक ने दोबारा कार्रवाई करवाने का भरोसा दिया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी वास्तव में क्या कदम उठाते हैं।

क्या नए कमिश्नर इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करवाएंगे? क्या संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय होगी? और क्या फुटपाथों पर कब्जे के सभी मामलों में समान कार्रवाई की जाएगी?

इन सवालों के जवाब का इंतजार रहेगा।

जीत समाचार की मांग स्पष्ट है—अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन बिना किसी भेदभाव के। क्योंकि कानून सबके लिए एक समान होना चाहिए।

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