ब्लॉक-37 में कमर्शियल निर्माण पर सवाल!

0

शिकायतों और तस्वीरों के बावजूद निर्माण जारी रहने का आरोप, अब पीसीएस अधिकारी ने जांच का दिया भरोसा

एटीपी ने काम बंद करवाने का दावा किया, लेकिन मौके पर निर्माण सामग्री उतरने की तस्वीरें सामने आने से कार्रवाई पर उठे सवाल

लुधियाना।10  अक्टूबर 2026 विक्की कुमार

नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच जोन-C के अंतर्गत ब्लॉक-37 में कथित तौर पर चल रहे कमर्शियल निर्माण का मामला लगातार सवालों के घेरे में है। जीत समाचार की ओर से पहले भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था। आरोप है कि आवश्यक मंजूरी और नक्शे संबंधी स्थिति स्पष्ट हुए बिना निर्माण कार्य जारी है, जबकि शिकायत के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही।

शिकायत के बाद भी काम जारी रहने का आरोप

मामले में आरोप है कि संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर को शिकायत देने के बाद निर्माणकर्ता से चारदीवारी करवाने संबंधी पत्र लिया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर कमर्शियल निर्माण जारी रहा। संबंधित एटीपी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर के व्हाट्सएप पर मौके की तस्वीरें भेजे जाने का भी दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, काम बंद करवाने की बात कहे जाने के बावजूद मौके पर ट्रक से निर्माण सामग्री उतरती दिखाई दी और निर्माण गतिविधियां जारी रहीं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि काम बंद करवाया गया था, तो उसके बाद निर्माण सामग्री कैसे पहुंची और मौके पर दोबारा निगरानी क्यों नहीं हुई?

 पीसीएस अधिकारी ने दिया जांच का भरोसा

इस मामले को लेकर जब बिल्डिंग ब्रांच के पीसीएस अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही। अब देखना होगा कि अधिकारी के निर्देश पर मौके की वास्तविक स्थिति, निर्माण संबंधी दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कब तक पूरी होती है।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब मामला अधिकारियों के ध्यान में लाया जा चुका है, तो निर्माण संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? क्या जांच में यह स्पष्ट होगा कि मौके पर आवश्यक मंजूरी मौजूद है या नहीं और शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की?

एटीपी के दावे और मौके की स्थिति की जांच जरूरी

मामले में एटीपी की ओर से काम बंद करवाने की बात कही गई, लेकिन शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बाद भी निर्माण गतिविधियां जारी रहीं। इस विरोधाभास की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या काम रोकने के लिखित आदेश जारी किए गए थे, उनकी पालना हुई या नहीं और निर्माणकर्ता के पास स्वीकृत नक्शा तथा अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।

अब नगर निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर नजर

ब्लॉक-37 का मामला नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि नगर निगम कमिश्नर इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीसीएस अधिकारी द्वारा जांच करवाने के भरोसे के बाद क्या परिणाम सामने आते हैं।

जीत समाचार इस मामले पर नजर बनाए रखेगा। जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष के आधार पर अगली रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।

 

दैनिक विज्ञापन
दैनिक विज्ञापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed