लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में ‘सेवादारों का राज’!

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इंस्पेक्टरों से पहले सेवादारों के तबादलों की उठी मांग—कई सालों से एक ही जगह जमे रहने पर सवाल

फील्ड में जाने की जिम्मेदारी किसकी? इंस्पेक्टरों की या सेवादारों की? बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल!

लुधियाना।09 अक्टूबर 2026 विक्की कुमार

लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में अब बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के साथ-साथ सेवादारों की भूमिका भी चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों का दावा है कि ब्रांच में कई सेवादार ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात हैं। ऐसे में उनकी तैनाती, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों की समीक्षा करने की मांग उठने लगी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बिल्डिंग इंस्पेक्टरों को फील्ड में जाकर इमारतों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है, तो फिर निर्माणों की जानकारी जुटाने के लिए सेवादारों पर निर्भरता क्यों है? क्या संबंधित कर्मचारी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार काम कर रहे हैं?

इंस्पेक्टरों की जिम्मेदारी सेवादारों के हवाले?

सूत्रों के मुताबिक, बिल्डिंग ब्रांच के कुछ सेवादार फील्ड में जाकर इमारतों से संबंधित जानकारी जुटाते हैं और फिर उसे बिल्डिंग इंस्पेक्टरों तक पहुंचाते हैं। हालांकि, यह जांच का विषय है कि यह व्यवस्था विभागीय आदेशों के अनुसार चल रही है या नहीं।

यदि किसी इमारत में नियमों का उल्लंघन होता है, तो उसकी रिपोर्ट कौन तैयार करता है और मौके पर निरीक्षण करने से लेकर कार्रवाई करने तक की जिम्मेदारी किस अधिकारी की बनती है? नगर निगम प्रशासन को इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कई सालों से एक ही जगह तैनाती क्यों?

बिल्डिंग ब्रांच में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात सेवादारों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में बातचीत करते हुए जतिंदर ने कहा कि सेवादारों के तबादले भी होने चाहिए।

उनका कहना है कि यदि तबादले किए जाने के बाद भी कुछ कर्मचारी दोबारा उसी स्थान पर पहुंच जाते हैं, तो इस व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए।

सवाल यह है कि क्या लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात कर्मचारियों की सूची तैयार करके उनकी तैनाती और जिम्मेदारियों की निष्पक्ष समीक्षा की जाएगी?

पहले सेवादारों के तबादले या इंस्पेक्टरों के?

नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में एटीपी और बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के तबादलों को लेकर चर्चा के बीच अब सेवादारों के तबादलों की मांग भी उठ रही है।

मांग की जा रही है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार उनकी तैनाती की समीक्षा की जाए, ताकि किसी एक क्षेत्र या सीट पर लंबे समय तक निर्भरता न बनी रहे।

भ्रष्टाचार खत्म करने का लक्ष्य, लेकिन जमीनी व्यवस्था की जांच कौन करेगा?

नगर निगम प्रशासन के सामने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की चुनौती है। ऐसे में बिल्डिंग ब्रांच की फील्ड व्यवस्था, निरीक्षण रिपोर्टों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है।

यदि जांच में किसी कर्मचारी के खिलाफ अनियमितता के सबूत सामने आते हैं, तो विभाग को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी कर्मचारी की जिम्मेदारी तथ्यों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर तय की जानी चाहिए।

अब देखना होगा—क्या कमिश्नर साहब बिल्डिंग ब्रांच की व्यवस्था में बदलाव करेंगे?

क्या कई वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात सेवादारों के तबादले होंगे? क्या बिल्डिंग इंस्पेक्टरों की फील्ड में जिम्मेदारी स्पष्ट की जाएगी? और क्या नगर निगम प्रशासन इस व्यवस्था की समीक्षा करके पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा?

इन सवालों के जवाब अब नगर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई से ही मिलेंगे।

जीत समाचार की पड़ताल जारी है।

संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

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