लुधियाना नगर निगम में फाइलों का खेल! FIR के आदेश, फिर भी कार्रवाई ठप?
कमिश्नर के निर्देशों का क्या हुआ? बिल्डिंग ब्रांच की फाइलों पर जवाब मांगेगा जीत समाचार!
करीब एक साल से कार्रवाई लंबित रहने का आरोप, सील खोलने के मामलों में भी उठे सवाल
लुधियाना।10 अक्टूबर 2026 विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। जीत समाचार के पास सामने आई एक फाइल के संबंध में जानकारी है कि मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कहा गया था। लेकिन आरोप है कि करीब एक साल बीतने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विभागीय स्तर पर एफआईआर की सिफारिश की जाती है, तो फिर कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ती?
एक फाइल सामने आई, बाकी लंबित मामलों का क्या?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि एक मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कहा गया था और फिर भी कार्रवाई लंबित है, तो नगर निगम में ऐसी कितनी अन्य फाइलें होंगी, जिनमें कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है?
क्या संबंधित फाइलों की नियमित समीक्षा होती है? क्या अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है? या फिर कार्रवाई की सिफारिश के बाद मामले फाइलों तक ही सीमित रह जाते हैं? इन सवालों पर नगर निगम प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
एफआईआर की सिफारिश के बाद कार्रवाई कहां अटकी?
नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में यदि जांच के बाद एफआईआर दर्ज करवाने की सिफारिश की जाती है, तो उसकी आगे की प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। सवाल यह है कि संबंधित फाइल में एफआईआर दर्ज हुई या नहीं, यदि नहीं हुई तो देरी का कारण क्या है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं?
क्या नगर निगम प्रशासन इस फाइल की पूरी स्थिति सार्वजनिक करेगा?
सील खोलने के मामलों में भी उठेंगे सवाल!
नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में इमारतों को सील करने के साथ-साथ सील खोलने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में होनी चाहिए। सूत्रों के हवाले से सील खोलने से जुड़े कुछ मामलों की जानकारी सामने आने का दावा है। इन मामलों में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की क्या भूमिका रही, किन दस्तावेजों के आधार पर सील खोली गई और क्या निर्धारित नियमों का पालन हुआ—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
यदि किसी मामले में नियमों को दरकिनार किए जाने के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
जल्द होगा अगला खुलासा!
जीत समाचार इस पूरे मामले में संबंधित फाइलों, एफआईआर की सिफारिश, कार्रवाई की मौजूदा स्थिति और सील खोलने से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करेगा। साथ ही, संबंधित अधिकारियों का पक्ष लेकर तथ्यों के आधार पर अगली रिपोर्ट पाठकों के सामने रखी जाएगी।
अब नगर निगम कमिश्नर से सवाल है—एफआईआर के लिए भेजी गई फाइलों की स्थिति क्या है? कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? और सील खोलने के मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जीत समाचार की नजर अब उन फाइलों पर है, जिनकी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

