ब्लॉक-29 के ‘चालान खेल’ के बाद अब बिल्डिंग इंस्पेक्टर की कुर्सी पर सवाल!

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सरकारी खजाने को लाखों-करोड़ों के नुकसान के आरोप, फिर भी ‘मलाईदार सीट’ पर तैनाती क्यों?

जीत समाचार की टीम ने किया इलाके का दौरा—लोगों ने खुद बताए चालान और निर्माण से जुड़े कई मामले

लुधियाना। 8 अक्टूबर 2026 विक्की कुमार

नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जीत समाचार की टीम द्वारा इलाके का दौरा किया गया, जहां स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों और चालानों से जुड़े कई मामलों की जानकारी टीम के सामने रखी।

मामला अब ब्लॉक-29 में तैनात रहे बिल्डिंग इंस्पेक्टर  की भूमिका और बाद की तैनाती को लेकर चर्चा में है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी राजस्व को लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का संभावित नुकसान हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

 शिकायत ऊपर तक पहुंची, फिर कार्रवाई कहां गई?

शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित मामले की शिकायत नगर निगम कमिश्नर तक भेजे जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई।

यही वजह है कि अब सवाल उठ रहा है—अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ गंभीर शिकायत और जांच की मांग मौजूद है, तो उसे संवेदनशील और पब्लिक डीलिंग वाली जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है?

जोन बदला, लेकिन जिम्मेदारी वाली कुर्सी बरकरार!

आरोप है कि पहले जोन-सी में काम करने वाले उक्त बिल्डिंग इंस्पेक्टर को बाद में अन्य जोनों में भी जिम्मेदारी दी गई। शिकायतकर्ता सवाल उठा रहा है कि यदि उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर शिकायत या जांच का मामला लंबित है, तो उसे हेडक्वार्टर में लगाने की बजाय पब्लिक डीलिंग वाली सीट पर क्यों रखा गया ?

वहीं बिल्डिंग ब्रांच में कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में चर्चा यह है कि क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर कुछ कर्मचारियों पर विभागीय मेहरबानी जारी है?

सरकारी राजस्व का हिसाब कौन देगा?

सबसे बड़ा सवाल सरकारी खजाने से जुड़ा है। यदि किसी क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे, नियमों के विपरीत या अन्य अनियमितताओं के साथ निर्माण हुआ और विभागीय कार्रवाई समय पर नहीं हुई, तो उससे होने वाले राजस्व नुकसान की जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?

क्या केवल चालान काट देना ही विभागीय कार्रवाई है, या उसके बाद निर्माण और सरकारी राजस्व की भी निगरानी की जाती है?

अब विजिलेंस के दरवाजे पर पहुंचेगा मामला!

शिकायतकर्ता ने स्पष्ट कहा है कि यदि नगर निगम कमिश्नर की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तो जल्द ही विजिलेंस के समक्ष शिकायत भेजी जाएगी और संबंधित इमारतों की जांच करवाने की मांग की जाएगी।

अब नजर नगर निगम कमिश्नर की अगली कार्रवाई पर है।

1 क्या संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच होगी?

2 क्या पुराने रिकॉर्ड और चालानों की फाइलें खुलेंगी?

3  क्या सरकारी राजस्व के संभावित नुकसान का हिसाब निकाला जाएगा?

4 और सबसे बड़ा सवाल—अगर आरोप गलत हैं तो विभाग अपना रिकॉर्ड सामने रखकर स्थिति साफ क्यों नहीं करता?

जीत समाचार की पड़ताल जारी…

अगली कड़ी में सामने आएंगे ब्लॉक, जोन, चालान और संबंधित बिल्डिंग फाइलों से जुड़े तथ्य।

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