सुरेंद्र सिंह बिंद्रा की प्रमोशन पर फिर उठे सवाल!
हाईकोर्ट में चुनौती वाली अपील वापस लेने की चर्चाओं पर करनप्रीत सिंह का दोटूक जवाब—“न केस वापस लिया, न लेने वाला हूं”
चंडीगढ़। लुधियाना | 10 अक्टूबर 2026 | जीत समाचार
नगर निगम लुधियाना से जुड़े अधिकारी सुरेंद्र सिंह बिंद्रा की सीनिय
टाउन प्लानर (STP) पद पर प्रमोशन को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रमोशन को चुनौती देने वाले जालंधर निवासी RTI एक्टिविस्ट करनप्रीत सिंह की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका के संबंध में अब बाजार में तरह-तरह की चर्चाएं सामने आने लगी हैं।
बताया जा रहा है कि 25 अगस्त 2026 की प्रमोशन संबंधी प्रक्रिया/आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया गया था। इसी मामले को लेकर अब यह चर्चा फैल रही थी कि करनप्रीत सिंह ने कथित तौर पर हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली है।
मेरे खिलाफ चल रही चर्चा पूरी तरह झूठी” — करनप्रीत सिंह
जब जीत समाचार के पत्रकार ने इस संबंध में सीधे करनप्रीत सिंह से उनका पक्ष जाना तो उन्होंने इन चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। करनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें भी ऐसी बातें सुनने को मिली हैं कि उन्होंने हाईकोर्ट में दायर अपील वापस ले ली है, लेकिन यह बात बिल्कुल गलत है।उनके अनुसार, उन्होंने न तो STP पद से संबंधित मामला वापस लिया है और न ही ऐसा करने का कोई सवाल है। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है और वह हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार और मंत्री के खिलाफ भी कानूनी लड़ाई लड़ रहा हूं
करनप्रीत सिंह ने कहा कि यदि वह सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं और यहां तक कि मंत्री हरजोत सिंह बैंस से संबंधित मामले में भी हाईकोर्टकोर्ट जा चुका हूं , तो फिर किसी अधिकारी से जुड़े मामले को वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता।उन्होंने जीत समाचार को हाईकोर्ट में मंत्री से संबंधित मामले की याचिका/दस्तावेज की प्रति भी उपलब्ध कराने की बात कही, जिसे समाचार के साथ पाठकों के सामने रखा जा रहा है।
हाईकोर्ट से न्याय मिला तो सम्मान करूंगा, जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा”
करनप्रीत सिंह का कहना है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करेंगे। उनका कहना है कि जिस मुद्दे को लेकर उन्होंने भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं को सामने लाने का प्रयास किया है, उसमें वह न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हाईकोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आता है तो वह अदालत का सम्मान करेंगे और यदि उन्हें लगता है कि न्याय नहीं मिला, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए भी तैयार हैं।
अब सवाल—अफवाह किसने और क्यों उड़ाई?
करनप्रीत सिंह के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि हाईकोर्ट में अपील वापस लिए जाने की चर्चा आखिर शुरू कहां से हुई और इसके पीछे क्या कारण था? फिलहाल करनप्रीत सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने STP से संबंधित मामला वापस नहीं लिया है।
अब निगाहें हाईकोर्ट में चल रही न्यायिक प्रक्रिया और आने वाले आदेश पर टिकी हैं। साथ ही यह भी देखना अहम होगा कि प्रमोशन को चुनौती देने वाले मामले में अदालत का अगला रुख क्या रहता है।
वायरल WhatsApp स्क्रीनशॉट ने बढ़ाई हलचल
इस मामले के बीच “Bindra MTP” नाम वाले अकाउंट का एक वायरल WhatsApp स्क्रीनशॉट भी चर्चा में आया है। स्क्रीनशॉट में “I can save, I can ruin also” जैसा संदेश दिखाई दे रहा है, जबकि अगले संदेश में Karanpreet का भी जिक्र किया गया है।
स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे अंतिम सबूत मानने के बजाय पूरी चैट, अकाउंट की वास्तविक पहचान और संदेशों के संदर्भ की जांच जरूरी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चैट असली है तो “बचा सकता हूं” और “बर्बाद कर सकता हूं” जैसे शब्द किस संदर्भ में लिखे गए? और अगर चैट अधूरी या गलत है तो संबंधित पक्ष की ओर से इसका स्पष्टीकरण कब सामने आएगा?
फिलहाल वायरल स्क्रीनशॉट सवाल जरूर खड़े करता है, लेकिन अंतिम सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
नोट: प्रमोशन और अन्य आरोपों से संबंधित तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायालय/सक्षम प्राधिकारी के रिकॉर्ड और आदेशों के आधार पर ही माना जाएगा। संबंधित अधिकारी या विभाग का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

