नगर निगम के जोन-C, ब्लॉक 21 में बिल्डिंग पर बवाल! बिना नक्शे निर्माण की चर्चा, अब अधिकारियों की अग्निपरीक्षा
कंपाउंडिंग फीस जमा है या नहीं? नक्शा पास हुआ या नहीं? जांच के बाद खुलेगा पूरा राज!
लुधियाना।11 अक्टूबर 2026 विक्की कुमार
लुधियाना नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में आखिर चल क्या रहा है? क्या नियमों के मुताबिक इमारतें बन रही हैं या फिर सरकारी नियमों की अनदेखी हो रही है? जोन-C के ब्लॉक 21 में सामने आई एक बिल्डिंग को लेकर ऐसे ही सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों का दावा है कि बिल्डिंग बिना नक्शा पास करवाए बनाई गई है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी आधिकारिक जांच के बाद ही होगी।
जीत समाचार ने मामले को उठाया, तो अधिकारियों से मांगा जवाब!
एटीपी का बयान: जांच करवाकर बताऊंगा
इस मामले में जब एटीपी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें संबंधित पद पर आए अभी चार दिन ही हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज छुट्टी है, कल बिल्डिंग की जांच करवाकर पता लगाया जाएगा कि उसका नक्शा पास है या नहीं और कंपाउंडिंग फीस जमा हुई है या नहीं।
पीसीएस अधिकारी का बयान: दोषी मिला तो होगी कानूनी कार्रवाई
वहीं, बिल्डिंग ब्रांच के संबंधित पीसीएस अधिकारी से जब इस बिल्डिंग के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह अगले दिन इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने नक्शा पास होने और सरकारी फीस या कंपाउंडिंग फीस जमा होने का रिकॉर्ड चेक करवाने की बात कही। अधिकारी के अनुसार, यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह मामला ध्यान में लाने के लिए जीत समाचार का धन्यवाद करते हुए जांच करवाने का आश्वासन भी दिया।
सरकारी खजाने को नुकसान हुआ या नहीं, जांच से खुलेगा राज!
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बिल्डिंग बिना मंजूर नक्शे के बनाई गई है, तो निर्माण किसकी निगरानी में हुआ? क्या बिल्डिंग बायलॉज का पालन किया गया? क्या कंपाउंडिंग फीस सरकारी नियमों के अनुसार जमा हुई? और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी बनती है?
इन सवालों का जवाब संबंधित रिकॉर्ड और जांच से ही सामने आएगा।
अब नगर निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर टिकी निगाहें!
जीत समाचार इस मामले को यहीं नहीं छोड़ेगा। जोन-C के ब्लॉक 21 की इस बिल्डिंग से संबंधित दस्तावेजों, नक्शे, फीस और अधिकारियों की भूमिका की जांच के नतीजों पर नजर रखी जाएगी। यदि अनियमितताएं सामने आती हैं, तो मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।
जीत समाचार का सवाल साफ है—अगर सब कुछ नियमों के मुताबिक है, तो रिकॉर्ड सामने आने में परेशानी कैसी? और अगर नियमों की अनदेखी हुई है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
अब देखना होगा कि नगर निगम कमिश्नर इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और जांच में किसकी जिम्मेदारी सामने आती है। इसका खुलासा जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के बाद ही होगा।

