लुधियाना नगर निगम की हाउस मीटिंग में हंगामा! AAP पार्षद निधि गुप्ता के आरोपों से भड़के अधिकारी, पूरे स्टाफ ने किया बहिष्कार!
पार्षदों के बीच हाथापाई की भी खबर, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ा तनाव; सदन की कार्यवाही पर उठे सवाल
लुधियाना:12 अक्टूबर 2026 विक्की / शर्मा
लुधियाना नगर निगम की हाउस मीटिंग शुरू होते ही माहौल गर्माने की खबर सामने आई है। आम आदमी पार्टी की पार्षद निधि गुप्ता द्वारा नगर निगम की अफसरशाही और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। आरोपों से नाराज नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सदन की बैठक का सामूहिक बहिष्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस घटनाक्रम ने नगर निगम के भीतर निर्वाचित पार्षदों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते तनाव को चर्चा का विषय बना दिया है। जिस हाउस मीटिंग में शहर के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, वहां अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की स्थिति बनने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
निधि गुप्ता के आरोपों से गरमाया मामला
जानकारी के अनुसार, हाउस मीटिंग के दौरान AAP पार्षद निधि गुप्ता ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली और अफसरशाही को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी पैदा होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के चलते नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला बैठक के बहिष्कार तक पहुंच गया? क्या पार्षदों द्वारा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना विवाद की वजह बना, या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था? इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों और पार्षद का पक्ष सामने आना बाकी है।
पार्षदों के बीच हाथापाई की भी चर्चा
हाउस मीटिंग के दौरान पार्षदों के बीच हाथापाई होने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
यदि इस घटना की पुष्टि होती है, तो यह नगर निगम की बैठक के संचालन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े करेगी।
जनता के मुद्दे पीछे, विवाद आगे!
नगर निगम की हाउस मीटिंग में शहर की सड़कें, सीवरेज, सफाई व्यवस्था, विकास कार्य और अन्य नागरिक समस्याओं पर चर्चा महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि बैठक अधिकारियों और पार्षदों के बीच विवाद की भेंट चढ़ती है, तो इसका असर शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।
इस पूरे मामले में अब नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। जरूरत इस बात की है कि विवाद के कारणों की निष्पक्ष जांच हो, संबंधित पक्षों की बात सुनी जाए और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम प्रभावित न होने दिया जाए।
अब आगे क्या होगा?
निधि गुप्ता के आरोपों, अधिकारियों-कर्मचारियों के कथित बहिष्कार और पार्षदों के बीच हाथापाई की खबरों को लेकर नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है और हाउस मीटिंग की कार्यवाही किस तरह आगे बढ़ती है।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या नगर निगम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच टकराव का असर लुधियाना के विकास कार्यों पर पड़ेगा, या प्रशासन जल्द ही स्थिति को संभाल लेगा?

