असम में बाढ़ का कहर गहराया, मृतकों की संख्या 10 पहुंची; तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित
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असम में बाढ़ का कहर गहराया, मृतकों की संख्या 10 पहुंची; तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित
गुवाहाटी:21 जुलाई 2026 | जीत समाचार
असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि तीन लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें जोरहाट, चराइदेव, डिब्रूगढ़, शिवसागर, धेमाजी, तिनसुकिया और गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। बाढ़ के कारण 45 राजस्व सर्कल और 794 गांव जलमग्न हो गए हैं।
बाढ़ के चलते 19 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। सोमवार को बाढ़ से पांच और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की कुल संख्या 10 हो गई है। इसके अलावा दो लोगों के लापता होने की भी सूचना है, जिनकी तलाश जारी है।
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर शामिल है, जहां 1.57 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं चराइदेव में 1.04 लाख से अधिक और जोरहाट में करीब 51 हजार लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार और विभिन्न एजेंसियों ने राहत अभियान तेज कर दिया है। अब तक 101 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 9,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारतीय सेना और अन्य बचाव एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर अब तक 6,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
बाढ़ और नदी कटाव के कारण कई सड़कें, तटबंध और अन्य बुनियादी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। जोरहाट, कामरूप और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिलों के कुछ हिस्सों में जलभराव के कारण लगभग 7,800 लोग प्रभावित हुए हैं।
राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से जलमग्न क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
